इंटरनेट मीडिया पर मैसेज चले ताे सरकार ने उठाया कदम, कोरोना से अनाथ होने वाले मासूमों का करेगी पुनर्वास

इंटरनेट मीडिया पर मैसेज चले ताे सरकार ने उठाया कदम, कोरोना से अनाथ होने वाले मासूमों का करेगी पुनर्वास

कोरोना संक्रमण से माता-पिता की मौत होने के बाद अनाथ होने वाले बच्चों के पुनर्वास काम सरकार करेगी। कोरोना संक्रमण से माता-पिता की मौत होने पर उनके बच्चों को गोद लेने के लिए इंटरनेट मीडिया पर होड़ मचने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।

Ravi MishraFri, 07 May 2021 04:09 PM (IST)

मुरादाबाद, जेएनएन। : कोरोना संक्रमण से माता-पिता की मौत होने के बाद अनाथ होने वाले बच्चों के पुनर्वास काम सरकार करेगी। कोरोना संक्रमण से माता-पिता की मौत होने पर उनके बच्चों को गोद लेने के लिए इंटरनेट मीडिया पर होड़ मचने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। कानूनी तौर पर ऐसे बच्चों को गोद देने की प्रक्रिया होगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने प्रदेश से सभी जिलाधिकारियों को कोरोना महामारी से अनाथ होने वाले बच्चों के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से बड़ी संख्या में बच्चों ने माता-पिता को खो दिया है। ऐसे सभी बच्चों के पुनर्वास की व्यवस्था सरकार करेगी। ऐसे सभी बच्चों की सूची बनेगी, जिनके अभिभावक है या होने के बाद भी उनका पालन पोषण करने में सक्षम नहीं है। उन बच्चों की भी सरकार मदद करेगी जिनके माता-पिता दोनों की आइसोलेशन में है। महिला एवं बाल कल्याण विभाग ऐसे बच्चों के रहने से लेकर खाने-पीने तक सभी इंतजाम करेगा।

इसके लिए ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में ग्राम बाल संरक्षण समितियों का गठन किया जा रहा है। इस तरह के बच्चों के संबंध में चाइल्ड लाइन के नंबर 1098 पर फोन करके सूचना दी जा सकती है। चाइल्ड लाइन के कर्मचारी तुरंत ऐसे बच्चों की मदद के लिए पहुंचेंगे। दूसरा 181 नंबर पर भी सीधे फोन करके अनाथ बच्चों के संबंध में जानकारी दी जा सकती है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के नंबर 011-23478250 पर भी फोन करने पर भी बच्चों की मदद के लिए टीम पहुंचेगी। चाइल्ड लाइन की संचालक श्रद्दा शर्मा ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर तमाम लोग कोरोना से प्रभावित बच्चों को गोद लेने की बात कर रहे थे। सरकार ने इसलिए गाइड लाइन जारी कर दी है।

इससे अब अनाथ बच्चे किसी गलत हाथ में नहीं जा सकेंगे। जिसे गोद लेना होगा, वह कानूनी तरीके से लेगा। खास बातें-कोई भी किसी नवजात शिशु को सड़क एवं अन्य स्थान पर कोई छोड़ जाता है या उसका परित्याग कर देता है तो किसी को उसे अपने पास रखने का अधिकार नहीं है। वह उसे किसी को गोद नहीं दे सकता है। उसे तुरंत ऐसे बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने लाना होगा। न्यायपीठ से ही उनके संरक्षण का फैसला होता है।

एकल माता-पिता के बच्चे को बाल गृह में रखवाने की सलाह देने या ऐसा करने के लिए दवाब डालना अनुचित है। बाल गृह में किसी के बच्चे को रखवाना अंतिम विकल्प होना चाहिए। -अनाथ बच्चों से बाल मजदूरी कराना, बाल तस्करी करना, उनका बाल विवाह आदि करना कानूनी अपराध है। ऐसी शिकायत मिलने पर आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।-कोरोना से किसी बच्चे के माता-पिता की मौत की खबर मिले तो उसके संरक्षण के लिए कोई भी उसे लेकर सीधे बाल कल्याण समिति के सामने पेश हो सकता है। 

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