Moradabad Health News : नहीं चेते तो 30 साल बाद 50 फीसद आबादी मायोपिया की चपेट में होगी, ये हैं लक्षण

संसार के 50 फीसद लोग 2050 तक मायोपिया से पीड़ित होंगे। समय रहते मायोपिया के प्रति जागरूक होना जरूरी है। मायोपिया की प्रगति किन-किन कारणों से होती है? जो बच्चे ज्यादातर मोबाइल फोन और लैपटाप का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।

Narendra KumarThu, 17 Jun 2021 01:41 PM (IST)
टीएमयू पैरामेडिकल के ऑप्टोमेट्री विभाग की ओर से निकट दृष्टि दोष पर वेबिनार।

मुरादाबाद, जेएनएन। संसार के 50 फीसद लोग 2050 तक मायोपिया से पीड़ित होंगे। समय रहते मायोपिया के प्रति जागरूक होना जरूरी है। मायोपिया की प्रगति किन-किन कारणों से होती है? जो बच्चे ज्यादातर मोबाइल फोन और लैपटाप का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं और बाहरी खेलकूद में कम रूचि रखते हैं, ऐसे बच्चों में निकट दृष्टि दोष की संभावनाएं ज्यादा रहती हैं।

बच्चों की आंखों के विकास के लिए उन्हें बाहरी खेलकूद के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। जिन बच्चों के माता-पिता को निकट दृष्टि दोष होता है, उनके बच्चों को निकट दृष्टि दोष होने की अधिक संभावनाएं होती हैं। निकट दृष्टि दोष में चश्मे का नंबर न तो अधिक और न तो कम देना चाहिए। यह कहना है अर्का जैन विश्वविद्यालय, जमशेदपुर, झारखण्ड के सर्वजीत गोस्वामी का। वह तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कालेज आफ़ पैरामेडिकल साइंसेज के ऑप्टोमेट्री विभाग की ओर से निकट दृष्टि दोष और उससे होने वाली हानियों पर आयोजित वेबिनार में बोल रहे थे। उन्होंने निकट दृष्टिदोष के प्रभाव को कम करने के सुझाव देते हुए बताया कि निकट दृष्टि दोष के लिए आर्थोकेरेटोलाजी लेंस और एट्रोपिन आइड्राप का इस्तेमाल करना चाहिए। जीवनशैली में सुधार के लिए उन कार्यों को कम करना चाहिए। जिसमें वस्तुओं को आंख के पास रखने की आवश्यकता हो। इस मौके पर कालेज के प्राचार्य डा. नवनीत कुमार, ऑप्टोमेट्री विभाग के विभागाध्यक्ष राकेश कुमार, डा. रुचि कांत, कंचन गुप्ता के अलावा बीऑप्ट और एमऑप्ट के करीब 150 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संचालन शिखा शर्मा ने किया।

बच्‍चों ने क‍िया योगाभ्‍यास : टिमिट और कालेज आफ लाॅ एंडी लीगल स्टडीज व शिवानन्दा योगा सेंटर के साथ संयुक्त रूप से योगभ्यास पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार के मुख्य वक्ता राहुल वर्मा अंतरराष्ट्रीय योग गुरु रहे। इस दौरान शरीर को स्वस्थ बनाने एवं इम्यूनिटि पावर को बढाने हेतु योग आसन, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार तथा ध्यान द्वारा शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक उर्जा बढ़ाने का ज्ञान दिया गया। योगासन मेरुदण्ड-रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाते हैं और व्यय हुई नाड़ी शक्ति की पूर्ति करते हैं। योगासन पेशियों को शक्ति प्रदान करते हैं। इससे मोटापा घटता है और दुर्बल-पतला व्यक्ति तंदरुस्त होता है। डा. मनोज अग्रवाल विभागाध्यक्ष मैनेजमेंट व अमित वर्मा विभागाध्यक्ष विधि ने योग गुरु का आभार व्यक्त किया।

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