मुरादाबाद में गार्ड की हत्या के मामले में दो शूटर गिरफ्तार, जेल से रची गई थी साजिश, जांच में पलट गई कहानी

Moradabad guard murder busted पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपित विनीत और योगेश के पास से हत्या में उपयोग किए गए दो तमंचे कारतूस के खोखे के साथ एक बाइक बरामद की है। इस हत्‍याकांड की जांच पूरी कहानी ही पलट गई थी।

Narendra KumarWed, 22 Sep 2021 05:06 PM (IST)
जेल में बंद पूर्व प्रधान ने हत्या का मुकदमा खत्म कराने के लिए रची थी साजिश।

मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Moradabad guard murder busted : एक गार्ड की हत्या के मामले में पुलिस दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। दोनों ने निजी गार्ड को बीते चार सितंबर को काफियाबाद गांव के रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक के पिता ने चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में चार नामजद आरोपितों को छोड़कर गोली मारने वाले दो शूटरों को पकड़कर इस हत्याकांड का पर्दाफाश किया। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि जिन आरोपितों के नाम एफआइआर में दर्ज कराए गए थे, उनका इसका हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है। बल्कि जेल में हत्या के आरोप में बंद पूर्व प्रधान ने दूसरे पक्ष को फंसाने के लिए गार्ड की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की।

भोजपुर थाना क्षेत्र के काफियाबाद गांव निवासी सुरेंद्र सिंह एक कालोनी में गार्ड के पद पर तैनात था। बीते चार सितंबर को गांव के बाहर इस्लामनगर रोड पर सुरेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के पिता नेतराम सिंह ने काफियाबाद निवासी पूर्व प्रधान के बेटे सचिन, ज‍ितेंद्र, रोहित के साथ ही अनीस के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने एक आरोपित अनीश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि इस मामले में सचिन और रोहित को हल्द्वानी पुलिस ने अवैध तमंचे के मामले में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। जबकि चौथा आरोपित ज‍ितेंद्र अभी फरार चल रहा था। लेकिन पुलिस ने जब इस मामले की जांच शुरू की तो पूरी कहानी ही बदल गई।

पुलिस लाइन में पत्रकारों को जानकारी देते हुए एसएसपी ने बताया कि जेल में हत्या के आरोप में बंद पूर्व प्रधान आशीष ने गार्ड की हत्या की साजिश रची थी। उसने जेल में बंद अपराधी अजीत चौधरी से मिलकर गार्ड की हत्या कराने के लिए एक लाख 45 हजार रुपये में सुपारी थी। इसके बाद अजीत ने अपनी पत्नी के माध्यम से पैसे जेल के बाहर भेजे थे। यह पैसा अजीत के छोटे भाई विनीत को दिए गए थे। डिलारी थाना क्षेत्र के फजलपुर गांव निवासी शूटर योगेश उर्फ रिंकू को विनीत ने 22 हजार रुपये देकर गार्ड की हत्या करने के लिए कहा था। तीन सितंबर 2021 से आरोपित विनीत और योगेश उर्फ रिंकू ने बाइक से गार्ड सुरेंद्र कुमार का पीछा करना शुरू कर दिया था। चार सितंबर की सुबह करीब सात बजे जब वह जब काफियाबाद गांव से ड्यूटी करने के लिए मुरादाबाद जा रहा था, उसी दौरान गांव के बाहर योगेश ने एक गोली मारी, इसके बाद विनीत ने दो गोली मारकर हत्या कर दी थी। एसएसपी ने सीओ डाॅ.अनूप सिंह, भोजपुर थाना प्रभारी राशिद अली के साथ ही एसओजी प्रभारी अजयपाल सिंह को बेहतर काम करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की टीम ने चार निर्दोष लोगों को हत्या के मामले में फंसने से बचाया है। पुलिस का काम सराहनीय रहा है। 

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