top menutop menutop menu

Moradabad coronavirus news update : मुरादाबाद में 52 डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ संक्रमित

मुरादाबाद, जेएनएन। कोरोना काल में सबसे ज्यादा डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को संक्रमण का खतरा है। जिले में अब तक 52 डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ कोरोना संक्रमित हो चुका है। इसमें एक डॉक्टर की भी मौत हो चुकी है। डॉक्टरों ने बताया कि शारीरिक दूरी का पालन और चेहरे पर मास्क लगाना जरूरी है। 

 मुरादाबाद में 19 मार्च को पहला कोरोना का केस सामने आया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली थी। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की छुटिटयां रद करने के साथ ही सभी की डयूटी अस्पताल, क्वारंटाइन सेंटर, आइसोलेशन वार्ड, कोविड-19 एल वन श्रेणी अस्पताल, आइएफटीएम और अन्य स्थानों पर लगा दी गई थी। मार्च से अब तक स्वास्थ्य विभाग के साथ ही निजी अस्पतालों के 52 डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ संक्रमित हो चुके है। इनमें सभी वो लोग हैं जिनकी अस्पतालों में डयूटी लगाई गई थी। इन लोगों ने परिवार से दूरी बना ली थी। डयूटी करने के बाद वहीं क्वारंटाइन सेंटर में रहने की व्यवस्था थी। परिवार से वीडियो कॉल के माध्यम से ही बात हो पाई थी। कोरोना संक्रमितों का ब्लड प्रेशर, टेम्प्रेचर और दवा वितरण के दौरान संक्रमित हुए थे। इन सभी को जब बुखार और खांसी की परेशानी हुई तो जांच कराई गई थी। 

न बरतें लापरवाही

डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की डयूटी लगातार लग रही है। कोरेाना संक्रमित की देखभाल के दौरान पीपीई किट, मास्क और ग्लब्ज पहनने के बाद भी संक्रमित हो गए। इसलिए लापरवाही बरतने वाले तो जल्दी इसकी चपेट में आ जाएंगे।  

डॉ संजीव बेलवाल, इंचार्ज कोरोना एल-1 श्रेणी अस्पताल  


अब हर जगह है खतरा 

कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कोशिश करें कि बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। मास्क और ग्लब्ज पहनने की आदत बना लें। संक्रमण का खतरा अब हर जगह है। लापरवाही बरतने वाले चपेट में आएंगे। 

डॉ प्रवीण शाह, चेस्ट फिजिशियन एवं कोरोना स्क्रीङ्क्षनग 

लापरवाही पड़ रही भारी 

 लोगों की लापरवाही से कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। इसके बाद भी लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं। शारीरिक दूरी के नियम के साथ मास्क भी लगाएं। सामने वाले को संक्रमित मानकर बात करेंगे तो ही बच पाएंगे। आपकी लापरवाही परिवार को भी अपनी चपेट में ले सकती है। इसलिए सावधानी बरतें। 

डॉ दिनेश कुमार प्रेमी, जिला सर्विलांंस अधिकारी 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.