दिल्ली

उत्तर प्रदेश

पंजाब

बिहार

उत्तराखंड

हरियाणा

झारखण्ड

राजस्थान

जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश

पश्चिम बंगाल

ओडिशा

महाराष्ट्र

गुजरात

Moradabad Coronavirus News : रेमडेसिविर इंजेक्‍शन के पीछे मत भाग‍िए, डेक्सामेथासोन भी है कारगर, च‍िक‍ित्‍सक की सलाह आवश्‍यक

कोरोना विशेषज्ञों का कहना है कि बिना सलाह के कोई दवा नहीं।

विशेषज्ञ कहते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रेमडेसिविर को मान्यता नहीं दी है। रेमडेसिविर की एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस) रोकने में किसी तरह की भूमिका नहीं है। अन्‍य व‍िकल्‍प भी मौजूद हैं लेकिन च‍िक‍ित्‍सक की सलाह पर ही इनका प्रयोग करना है।

Narendra KumarFri, 23 Apr 2021 04:50 PM (IST)

मुरादाबाद, जेएनएन। हेलो, भाई साहब नमस्कार, एक इमरजेंसी आन पड़ी है। मेरे परिवार के सदस्य कोरोना पॉजिटिव हैं। डॉक्टर ने रेमडेसिविर लाने के लिए कहा है। क्या आप मुझे रेमडेसिविर की दो डोज दिलवा सकते हैं। इसके लिए जितना पैसा कहेंगे दे दिया जाएगा।

सवाल ये है कि मुंहमांगे दाम पर खरीदी जाने वाली रेमडेसिविर से क्या जान बच रही है। विशेषज्ञ कहते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रेमडेसिविर को मान्यता नहीं दी है। रेमडेसिविर की एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस) रोकने में किसी तरह की भूमिका नहीं है। कोरोना निमोनिया होने पर ही दूसरी दवाओं के जरिये भी इसे कम किया जा सकता है। लेेकिन, खुद डॉक्टर नहीं बनें। कोरोना विशेषज्ञ से बात होने और मरीज की पूरी स्थिति से अवगत कराने के बाद ही दूसरी दवाइयां दी जा सकती हैं। यही हाल रेमडेसिविर का भी है। इसमें सस्ता और उपलब्ध होने वाला डेक्सामेथासोन एआरडीएस रोकने में कारगर नजर आ रहा है। कोरोना के मरीजों में बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं। कोरोना विशेषज्ञों का कहना है कि काेई सा भी स्ट्रेयोएड देने की गलती न करें। विशेषज्ञ मरीज की स्थिति देखने के बाद ही दवा का चयन करता है कि मरीज को कब क्या देना है।

कोरोना मरीजों के लिए सरकार ने गाइडलाइन में पूरी स्थिति क्लीयर कर दी है। बिना निमोनिया वाले मरीजों को स्ट्रायड नहीं देना है। डेक्सामेथासोन, प्रेडनिसोन स्ट्रायड है। कोरोना के बिना लक्षण वाले या जिनमें हलके कोरोना के लक्ष्ण हैं। उनमें ये दवा नहीं दी जानी चाहिए। जिन्हें निमोनिया है और उनका ऑक्सीजन स्तर 90 या सांस की गति 24 से ज्यादा है। सिर्फ उन्हीं मरीजों में इसका फायदा देखा गया है। अब तक की सबसे कारगर दवा यही है। बहुत ही सस्ती है। इसलिए रेमडेसिविर के पीछे भागने की जरूरत नहीं है।

डॉ. वीके सिंह, कोविड प्रभारी एल-थ्री अस्पताल

डेक्सामेथासोन, प्रेडनिसोन कोरोना के वो मरीज जिनमें निमोनिया है। उनमें काम कर रही है। लेकिन, विशेषज्ञ ही इस दवा का इस्तेमाल कर सकता है। हर कोई इसको इस्तेमाल करेगा तो मरीज को फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। ऑक्सीजन स्तर नीचे या फिर जिनमें सीटी-स्कैन से निमोनिया होने के पुख्ता प्रमाण हों तो ही इन दवाओं को दिया जा सकता है। मेडिकल स्टोर से खरीदकर खा ली जाने वाली दवा नहीं है। कोरोना एक्सपर्ट की राय के बिना ये दवा नहीं दी जा सकती है।

डॉ. प्रवीण शाह, वरिष्ठ चेस्ट फिजिशियन एवं कोरोना विशेषज्ञ 

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.