MDA News : नोटिस देकर चुप बैठने वाले एमडीए के अधिकार‍ियों पर होगी कार्रवाई, कम‍िश्‍नर ने बैठाई जांच

एमडीए के आला अधिकारियों ने इसकी जिम्मेदारी के लिए जोन बना रखे हैं। हर जोन पर एक प्रभारी की नियुक्ति है। इसके अलावा अवर अभियंता भी क्षेत्रों में नियुक्त हैं। प्राधिकरण में लंबे समय से नोटिस देकर वसूली हो रही थी।

Narendra KumarFri, 25 Jun 2021 09:18 AM (IST)
मंडलायुक्त ने कई मामलों में जांच बैठाकर शिकंजा कसा।

मुरादाबाद, जेएनएन। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में अवैध निर्माण कराने वालों को नोटिस देकर कमाई का धंधा बहुत पुराना है। इस खेल में वर्षों से एमडीए में जमे कई अवर अभियंता और अन्य अफसर के नाम भी आ रहे हैं। मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने लगातार शिकायतें आने पर पूरे मामले की छानबीन के लिए जांच बैठा दी है। एक-एक नोटिस का हिसाब लिया जा रहा है। ऐसे में कई अधिकारियों की बोलती बंद हो गई है। कागजों में पकड़ में आते ही दागियों के खिलाफ कार्रवाई होनी तय है।

मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी है कि महानगर में कोई अवैध निर्माण नहीं होने पाए। नियम यह कहता है कि यदि किसी ने अवैध निर्माण कर ही लिया है तो उसे नोटिस देकर जवाब लिया जाए। कंपाउंडिंग होने लायक मामला है तो उसका निस्तारण कर दिया जाए अन्‍यथा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो। एमडीए के आला अधिकारियों ने इसकी जिम्मेदारी के लिए जोन बना रखे हैं। हर जोन पर एक प्रभारी की नियुक्ति है। इसके अलावा अवर अभियंता भी क्षेत्रों में नियुक्त हैं। प्राधिकरण में लंबे समय से नोटिस देकर वसूली हो रही थी। अवर अभियंताओं के साथ भी कई-कई दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी काम कर रहे थे। किसी भी रोड पर मकान बनने की सूचना मिलते ही एमडीए का कर्मचारी पहुंच जाता था। इसके बाद अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी कर दिया जाता था। इसके बाद सौदेबाजी करके मामले को रफा-दफा करने का काम चल रहा था। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को एमडीए उपाध्यक्ष यशु रूस्तगी ने कालोनियों की सफाई आदि के काम में लगाकर कुछ हद तक नोटिस के खेल पर अंकुश लगाया। लेकिन, फिर भी चुपचाप सबकुछ चलता रहा। एमडीए के कुछ अधिकारियों ने खेल करने के लिए चिकनी चुपड़ी बातें करके उन्हें भी गुमराह करने का काम किया। मंडलायुक्त के पास नोटिस देकर वसूली के खेल की शिकायतें लगातार पहुंच रही हैं। उन्होंने कई ऐसे मामले पकड़ लिए, जिन्हें कई साल पहले नोटिस दिया गया था। लेकिन, कार्रवाई के नाम पर अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने इन मामलों को लेकर जांच बैठा दी है।

एमडीए में लंबित मामलों का निस्तारण करने के लिए कहा गया है। अवैध निर्माण होने पर नोटिस दिए जाने के बाद कई साल तक कार्रवाई न होने के कई मामले सामने आए हैं। इसलिए अब यह पता कराया जा रहा है कि ऐसे कितने मामले हैं। नोटिस देकर मामलों को लंबित रखने के पीछे क्या कारण रहे। इसकी भी जांच कराई जा रही है। सभी लंबित मामलों का निस्तारण होगा। किसी की अधिकारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

आन्जनेय सिंह, मंडलायुक्त, मुरादाबाद

 

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