रामपुर मेंं कुपोषित बच्चों का इलाज अब दवा से नहीं किया जाता, जानिये किस तरह से स्वस्थ हो रहे बच्चे

Malnourished Children in Rampur कुपोषित बच्चों का इलाज अब दवा से नहीं बल्कि पोष्टिक आहार से किया जा रहा है। इसके सेवन से दो दर्जन बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं जबकि अन्य बच्चों के लिए आहार किट तैयार की जा रही हैं।

Samanvay PandeySun, 24 Oct 2021 06:37 PM (IST)
जिले में 2200 अतिकुपोषित बच्चे हैं। उम्र के हिसाब से इनकी लंबाई और वजन कम है।

मुरादाबाद, जेएनएन। Malnourished Children in Rampur : कुपोषित बच्चों का इलाज अब दवा से नहीं, बल्कि पोष्टिक आहार से किया जा रहा है। इसके सेवन से दो दर्जन बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि अन्य बच्चों के लिए आहार किट तैयार की जा रही हैं। इस काम में एफपीओ (कृषक उत्पादक संगठन) लगा है। आहार किट में ड्राईफ्रूट के साथ ही दाले और काले गेहूं को शामिल किया गया है। जिले में 2200 अतिकुपोषित बच्चे हैं। उम्र के हिसाब से इनकी लंबाई और वजन कम है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि एफपीओ के सहयोग से अति कुपोषित बच्चों के लिए पोषक तत्वों से भरपूर आहार किट तैयार कराई जा रही हैं। ये किट दो तरह की हैं। पहली किट में संपूर्ण आहार को ध्यान में रखते हुए 18 खाद्य सामग्रियों को सम्मिलित किया गया है, जिसमें काला गेहूं, मोरिगा दलिया, आर्गेनिक गुड़, आवला का मुरब्बा, बिस्कुट, काला चावल, काला नमक राइस, काला गेहूं आंटा, मूंग दाल, मसूर दाल, राजमा, अलसी तेल, पीली सरसों तेल, पिसा सोयाबीन, हल्दी, तुलसी, मोरिगा, शहद, खट्टी मीठी कैंडी को सम्मिलित करते हुए 30 दिन के आहार के रूप में अलग अलग मात्रा में 12 किलोग्राम की किट तैयार कराई जा रही है।

यह किट उन बच्चों के लिए है जो भरपूर आहार न मिलने की वजह से अति कुपोषित हैं। इसके अलावा दूसरी किट में सुपर फूड सप्लीमेंट के तहत अनुपूरक आहार पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसलिए इस किट में काला चावल का परमल, भुनी अलसी, मूंगफली, करी पत्ता, मोरिगा, हल्दी, चीनी, सौंफ और किशमिश के मिश्रण से तैयार नमकीन और काले गेहूं के आंटा, सूजी, बबूल गोंद, तिल, खजूर, चीनी, मोरिगा और इलायची के मिश्रण से मीठी खाद्य सामग्री तैयार कराई जा रही है। इसके अलावा आंवला के साथ आर्गेनिक गुड़ के लड्डू और आवंला त्रिफला जीरा और नमक से तैयार जूस को भी अनुपूरक आहार में सम्मिलित किया गया है।

तैयार हो रही किटः एफपीओ के प्रबंध निदेशक अमित वर्मा बताते हैं कि इस आहार के बारे में पहले चिकित्सकों से सलाह ली गई। उनके परामर्श पर ही इसे तैयार किया गया है। हमने पहले 24 बच्चों को इसका इस्तेमाल कराया, जो ठीक हो गए हैं। अब अन्य बच्चों के लिए किट तैयार कराई जा रही हैं। प्रदेश के कानून मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ब्रजेश पाठक ने काशीपुर आंगा गांव में एक अतिकुपोषित बच्चे को गोद लिया था, इसी आहार से वह भी पूरी तरह स्वस्थ हो गया है। उसकी उम्र के हिसाब से उसकी लंबाई और वजन अब ठीक है।

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