जौहर यूनिवर्सिटी की जमीनों के मुकदमे में अब 30 नवंबर को होगी सुनवाई

जमीन कब्जाने के आरोप में आजम खां के खिलाफ 30 मुकदमे दर्ज कराए गए थे।

Jauhar University Rampur जमीन खरीदने के मामले में नियमों का उल्लंघन किया गया था। इस मामले की जांच-पड़ताल में आरोप सही पाए गए थे। इसपर अपर जिला अधिकारी प्रशासन की अदालत में मुकदमा दायर कर द‍िया गया था।

Publish Date:Tue, 24 Nov 2020 05:30 PM (IST) Author: Narendra Kumar

मुरादाबाद, जेएनएन। Jauhar University Rampur। रामपुर स्‍थ‍ित जौहर यूनिवर्सिटी की जमीनों के मुकदमे में अब 30 नवंबर को सुनवाई होगी। अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदंबा प्रसाद गुप्ता की अदालत में सुनवाई के दौरान जौहर ट्रस्ट के अधिवक्ता ने कहा कि उनके आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है, इसलिए और समय दे दिया जाए।

सांसद आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी की जमीनों को लेकर काफी दिन से मुकदमेबाजी चल रही है। पिछले साल जुलाई माह में जमीन कब्जाने के आरोप में आजम खां के खिलाफ अजीमनगर थाने में 30 मुकदमे दर्ज कराए गए थे। यूनिवर्सिटी की जमीनों को लेकर भारतीय जनता पार्टी लघु उद्योग प्रकोष्ठ के पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयोजक आकाश सक्सेना ने शासन में शिकायत दर्ज कराई कि जमीन खरीदने के मामले में नियमों का उल्लंघन किया गया। इस मामले की जांच-पड़ताल में आरोप सही पाए गए। इसपर अपर जिला अधिकारी प्रशासन की अदालत में मुकदमा दायर किया गया था। इस मामले में कोर्ट में सुनवाई चल रही है। नौ नवंबर को ट्रस्ट के अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें कहा कि आजम खां जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं और वह जेल में बंद हैं। उनकी पत्नी और बेटा भी ट्रस्ट के सदस्य हैं। वे भी जेल में बंद हैं। इनके बयान दर्ज करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर तैनात किए जाएं, जो जेल पहुंचकर उनके बयान लें। लेकिन, अदालत ने ऐसा नहीं किया। इसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। पिछली तारीख पर भी जौहर ट्रस्ट के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दयार करने के बात कहते हुए समय मांगा था। इस बार अदालत ने अंतिम मौका दिया है।

 

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