कोरोना को हराने के लिए रामपुर में बढ़ी इलाज की व्यवस्था, मिले 260 बेड और 70 आक्सीजन कंसंट्रेटर

कोरोना संक्रमण के साथ ही बढ़ रहे उपचार के संसाधन सरकारी अस्पतालों के साथ ही प्राइवेट अस्पताल में भी की जा रही व्यवस्था 100 बेड का एल-टू हास्पिटल है तो मरीजों के आइसोलेशन के लिए 90 बेड का एल-वन हास्पिटल बना है।

Ravi MishraWed, 12 May 2021 06:02 PM (IST)
कोरोना को हराने के लिए रामपुर में बढ़ी इलाज की व्यवस्था, मिले 260 बेड और 70 आक्सीजन कंसंट्रेटर

मुरादाबाद, जेएनएन। कोरोना संक्रमण के साथ ही बढ़ रहे उपचार के संसाधन, सरकारी अस्पतालों के साथ ही प्राइवेट अस्पताल में भी की जा रही व्यवस्था 100 बेड का एल-टू हास्पिटल है तो मरीजों के आइसोलेशन के लिए 90 बेड का एल-वन हास्पिटल बना है। इसके अलावा निजी अस्पताल में भी संक्रमितों के इलाज की सुविधा है। मरीजों के लिए 90 आक्सीजन कंसंट्रेटर और 12 वेंटीलेटर भी हैं।

मरीजों की जरूरत को देखते हुए रेमडेसिविर इंजेक्शन समेत अन्य जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त मात्रा भी उपलब्ध है। जिले में कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा आक्रामक हो गई है। पहली अप्रैल तक यहां मात्र 63 सक्रिय मरीज थे। पंचायत चुनाव के बाद से मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ी। मतगणना पूरी होने के बाद इनकी संख्या 1800 के पार पहुंच गई थी। हालांकि अब इनकी संख्या फिर घटने लगी है।

अप्रैल माह की शुरुआत तक कम मरीज होने के कारण यहां इलाज के संसाधन भी सीमित थे। जिला अस्पताल में पिछले साल एल-टू हास्पिटल बनाया गया था, जो खाली पड़ा था। मरीज बढ़ने के बाद इसे दोबारा चालू कराया गया। यहां सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई गईं। मरीज भर्ती करने और उनके समुचित इलाज के लिए 24 घंटे चिकित्सक व स्टाफ नियुक्त किए गए। यहां सिर्फ 100 बेड थे।

इसी दौरान दूसरे शहरों में मरीजों को बेड न मिलने की खबरें समाचार पत्रों की सुर्खियां बनने लगीं। तब प्रशासन ने बेड बढ़ाने का फैसला किया। जौहर यूनिवर्सिटी के मेडिकल कालेज का एल-वन हास्पिटल भी चालू कराया गया। यहां 150 बेड का लक्ष्य रखा गया, जिसमें 90 बेड लगा दिए गए हैं। प्रत्येक बेड पर आक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था कराई गई। इसके बाद सीएचसी बिलासपुर में कोरोना मरीजों के आइसोलेशन के लिए 30 बेड लगवाए गए।

सरकारी अस्पताल में इलाज से घबराने वाले मरीजों के लिए निजी अस्पताल नारायणा हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में 40 बेड की व्यवस्था कराई गई, जहां शुल्क देकर मरीज अपना इलाज करा सकते हैं। इसके लिए कम से कम शुल्क भी निर्धारित कराया गया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि एल-टू हास्पिटल में संक्रमितों के इलाज की सभी सुविधाएं हैं। यहां 12 वेंटिलेटर भी लगे हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

जिले में पांच लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाले 70 आक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं, जिनमें से 50 जिला चिकित्सालय में, 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलासपुर और पांच जौहर मेडिकल कालेज में बनाए एल-वन हास्पिटल में उपलब्ध कराए गए हैं। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 50 अन्य आक्सीजन कंसंट्रेटर की खरीद की प्रक्रिया चल रही है, जिनमें 40 कंसंट्रेटर पांच लीटर क्षमता वाले तथा 10 कंसंट्रेटर 10 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाले शामिल हैं। संसाधन बढ़ाने के लिए निजी अस्पतालों के संचालकों से भी बात की गई है।

 

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