मुरादाबाद में 70 फीसद सराफा कारोबारी बिना होलमार्क के ही बेच रहे ज्वैलरी, न‍ियम का नहीं हो रहा पालन

हाेलमार्क ज्वैलरी की नियम व शर्तें लागू हो चुकी हैं। अब 15 जून से होलमार्क की ज्वैलरी बेचना अनिवार्य कर दिया है। शहर में अभी 70 फीसद ज्वैलरी बिना होलमार्क के बिक रहीं हैं। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस ) विभाग गाजियाबाद की ओर से वर्कशाप हुई थी।

Narendra KumarWed, 16 Jun 2021 02:57 PM (IST)
फीसद के पास लाइसेंस और बाकी बिना लाइसेंस कर रहे।

मुरादाबाद, जेएनएन। हाेलमार्क ज्वैलरी की नियम व शर्तें लागू हो चुकी हैं। अब 15 जून से होलमार्क की ज्वैलरी बेचना अनिवार्य कर दिया है। शहर में अभी 70 फीसद ज्वैलरी बिना होलमार्क के बिक रहीं हैं। तीस फीसद ने चार साल पहले मुरादाबाद में हुई भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस ) विभाग गाजियाबाद की ओर से वर्कशाप हुई थी। जिसमें सराफा कारोबारियों से होलमार्क ज्वैलरी का लाइसेंस लेने को लेकर जागरूक किया था लेकिन, इन चार सालों में मात्र 10 फीसद ने ही पंजीयन कराया है और 20 फीसद सराफा कारोबारी ऐसे जो दूसरे सराफा कारोबारियों से होलमार्क ज्वैलरी खरीदकर बेचते हैं। जिससे ग्राहकों द्वारा होलमार्क ज्वैलरी मांगने पर उपलब्ध कराई जा सके। यानि कुल 30 फीसद ज्वैलरी होलमार्क की बिक रही है।

मुरादाबाद शहर में करीब 500 सराफा कारोबारी होलमार्क की अनिवार्यता से अंसतुष्ट है। उनका मानना है कि अभी सरकार ने कोई इंफ्रास्ट्रक्चर तय नहीं किया और होलमार्क लागू कर दिया है। बिना होलमार्क की ज्वैलरी का स्टाक क्लियर करने के लिए सराफा कारोबारी छह महीने का वक्त और मांग रहे हैं। होलमार्क की अनिवार्यता के बाद प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर सरकार से समय बढ़ाने के लिए बातचीत का दौर शुरू हो गया है।

मुरादाबाद में एक होलमार्क पंजीयन सेंटर

बीआइएस गाजियाबाद ने होलमार्क की ज्वैलरी का एक सेंटर मुरादाबाद के मंडी चौक में बना रखा है। चार साल पहले जब होलमार्क की ज्वैलरी के नियम व शर्तें लागू हुईं थी तब से अगर पंजीयन कराते तो सभी के पास होलमार्क ज्वैलरी का लाइसेंस होता लेकिन, सराफा कारोबारियों ने इसे हलके से लिया और अब फिर से छह महीने का समय मांग रहे हैं। लेकिन, सरकार अब समय बढ़ाने के मूड में नहीं लग रही है।

होलमार्क का लाइसेंस लेना अनिवार्य करना कारोबारियों के सामने चुनौतियां हैं। लेकिन, जब होलमार्क का लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है तो लेना पड़ेगा। हालांकि छह महीने का वक्त और मांगने को लेकर प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास चल रहे हैं।

नीरज अग्रवाल, अध्यक्ष, सराफा कमेटी, गंज बाजार

सरकार को इसकी अनिवार्यता से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना चाहिए। लाइसेंस लेने को एक ही सेंटर हैं। गांव, कस्बों से लेकर शहर में इसके सेंटर बढ़ाए जाएं। जिससे कारोबारियों को दिक्कतें न हों।

संदीप बंसल, उपाध्यक्ष, सराफा कमेटी

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