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चारा-भूसा हुआ महंगा, कैसे चलाएं गोआश्रय स्थल

मुरादाबाद, जेएनएन। गोआश्रय स्थलों में संरक्षित किए गए गोवंश के भरण-पोषण को लेकर अब निजी संचालकों के पसीने छूट रहे हैं। जिला पंचायत द्वारा बनवाये गये छह गोआश्रय स्थलों में पांच को चलाने की जिम्मेदारी श्री भगवती गो पुनर्वास आश्रम को दी गई है। प्रदेश सरकार द्वारा गोवंश के भरण-पोषण पर मिलने वाले तीस रुपये अब नाकाफी साबित हो रहे हैं। संचालक दीपक वाष्र्णेय ने कमिश्नर और अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को पत्र लिखकर भरण-पोषण का पैसा बढ़ाने की मांग की है। श्री भगवती गोपुनर्वास आश्रम को टेंडर के माध्यम से पांच गोआश्रय स्थलों को संचालित कराने की जिम्मेदारी मिली थी लेकिन, चारा और भूसा महंगा होने के कारण गोवंश को पालने में दिक्कत आने लगी है। लॉकडाउन के कारण भुगतान भी रूका है।

वर्जन -

-- एक माह में ढाई लाख रुपये भरण-पोषण पर खर्च होता है जबकि जिला पंचायत से करीब 90 हजार का भुगतान तीस रुपये प्रति गोवंश के हिसाब से दिया जाता है। अप्रैल से अब तक का भुगतान भी रुका हुआ है, दिक्कत हो रही है। कमिश्नर और अपर मुख्य अधिकारी को पत्र लिखकर भरण-पोषण का पैसा बढ़ाने की मांग की है। --दीपक वाष्र्णेय, संचालक श्री भगवती गोपुनर्वास आश्रम -- लॉकडाउन के कारण भुगतान फंसा था, अब जल्द ही इनका पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। भरण-पोषण का पैसा प्रदेश सरकार को बढ़ाना है, इसमें वृद्धि करने का अधिकार हमें नहीं है। -- शिशुपाल शर्मा, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत

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