मुरादाबाद जिला अस्पताल में हुआ पहला नेत्रदान, च‍िक‍ित्‍सकों ने पर‍िवार के सदस्‍यों का जताया आभार

Moradabad District Hospital नेत्रदान-महादान जिला अस्पताल में पहला नेत्रदान हाेने से डाक्टरों और नेत्रदाता स्वजनों ने राहत की सांस ली है। जिला अस्पताल में पहला नेत्रदान शुक्रवार की रात किया गया था। नेत्रदान को लेकर स्वास्थ्य टीम लगातार लोगों से संपर्क कर रही थी।

Narendra KumarPublish:Sun, 28 Nov 2021 02:08 PM (IST) Updated:Sun, 28 Nov 2021 02:08 PM (IST)
मुरादाबाद जिला अस्पताल में हुआ पहला नेत्रदान, च‍िक‍ित्‍सकों ने पर‍िवार के सदस्‍यों का जताया आभार
मुरादाबाद जिला अस्पताल में हुआ पहला नेत्रदान, च‍िक‍ित्‍सकों ने पर‍िवार के सदस्‍यों का जताया आभार

मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Moradabad District Hospital : नेत्रदान-महादान, जिला अस्पताल में पहला नेत्रदान हाेने से डाक्टरों और नेत्रदाता स्वजनों ने राहत की सांस ली है। जिला अस्पताल में पहला नेत्रदान शुक्रवार की रात किया गया था। नेत्रदान को लेकर स्वास्थ्य टीम लगातार लोगों से संपर्क कर रही थी।

चिकित्सकों का कहना है कि लोग नेत्रदान के प्रति जागरूक होंगे तो नेत्रहीनों को आंखें मिल जाएंगी। डिलारी के सालारपुर गांव के रहने वाले 63 वर्षीय रमेश शर्मा की शुक्रवार की रात हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसको लेकर सीएल गुप्ता आई इंस्टीट्यूट के नेत्र परामर्शदाता दीपक शर्मा ने मृतक के पुत्र राकेश शर्मा को नेत्रदान के बारे में बताया। उनसे कहा गया कि आपके पिता की आंखें दूसरे लोगों में जिंदा रहेंगी। इतना सुनने के बाद उन्होंने स्वजन से परामर्श किया। इसके बाद नेत्रदान की हामी भर दी। इसके बाद सीएल गुप्ता आइ इंस्टीट्यूट की टीम ने कार्निया ले लिया। चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले एक साल से इंस्टीटयूट की टीम जिला अस्पताल में मरने वालों से संपर्क कर रही थी। उन्हें नेत्रदान के फायदे बता रही थी। एक व्यक्ति के नेत्रों को दो लोगों में इंप्लांट किया जा सकता है। ऐसे ही लोग जागरूकता का परिचय देंगे तो बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।