अरे वाह! उत्तर प्रदेश के इस जनपद में तो लखपति किसान बन गए करोड़पति, जानिये कैसे हुआ ये

Farmers Became Millionaire उत्तर प्रदेश के जनपद अमरोहा में लखपति किसान करोड़पति बन गए। है न चौंकाने वाली बात। आइये बताते हैं ये कैसे हुआ। दरअसल जनपद की हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव रहरा में चकबंदी के दौरान अफसरों ने जमकर गड़बड़ी की है।

Samanvay PandeySun, 19 Sep 2021 11:57 AM (IST)
रहरा में हाईवे किनारे जमकर काटे चक, जांच में हो गया पर्दाफाश

मुरादाबाद, जेएनएन। Farmers Became Millionaire : उत्तर प्रदेश के जनपद अमरोहा में लखपति किसान करोड़पति बन गए। है न चौंकाने वाली बात। आइये बताते हैं ये कैसे हुआ। दरअसल, जनपद की हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव रहरा में चकबंदी के दौरान अफसरों ने जमकर गड़बड़ी की है। बेतरतीब ढंग से कई-कई बीघा के चक काटे और लखपतियों को करोड़पति बना दिया। इस गड़बड़ी का पर्दाफाश तब हुआ जब बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी नितिन चौहान ने जांच की। इसमें उन्होंने गड़बड़झाले का पूरा ठीकरा एसीओ पर फोड़ दिया है। अब उनके द्वारा करोड़ों के वारे-न्यारे करने वाले एसीओ व अन्य संलिप्त कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

रहरा गांव निवासी हेमराज त्यागी ने सीओ चकबंदी पर जमीन का चक तरमीन न करने की एवज में 50 हजार रुपये की घूस लेने का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था कि आठ जुलाई को सीओ ने दफ्तर में बुलाकर चक ठीक तरमीन न करने के लिए 10 लाख रुपये मांगे थे। मना करने पर दफ्तर से धक्का देकर बाहर निकाल दिया था। इसकी शिकायत पर एसओसी ने जांच शुरू की थी। जिसमें उन्होंने आरोपों को गलत करार दिया था लेकिन, जांच रिपोर्ट में गलत तरीके से चक काटकर किसानों को लाभ पहुंचाने का चौंकाने वाला राज खोला था।

डीएम को सौंपी जांच रिपोर्ट में उन्होंने लिखा था कि एसीओ ने गलत चक काटकर दर्जनभर किसानों को लाभ पहुंचाया है। अधिकारिक सूत्रों की मानें तो जिन किसानों के रकबे हाईवे किनारे थे, उनको दूसरी जगह कम कीमत की जमीन दी गई है जबकि, दर्जनभर से अधिक किसानों के कई-कई बीघा के चक हाईवे किनारे काट दिए हैं। उनकी अंदर की जमीन सस्ती थी लेकिन, हाईवे पर आते ही दाम एकदम बढ़ गए हैं। एक-एक किसान को करीब एक से दो करोड़ रुपये तक का फायदा पहुंचाया गया है।

सीओ को जांच में क्यों दी गई क्लीनचिट : एसओसी ने सीओ चकबंदी को जांच क्लीनचिट दी है। हेमराज त्यागी के लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है लेकिन, सवाल ये है कि बगैर सीओ की मर्जी के एसीओ या अन्य कर्मचारी गलत चक नहीं काट सकते। इसमें उनकी अनुमति भी लेनी पड़ती है। जांच अधिकारी ने इस बिंदु पर गौर क्यों नहीं फरमाई। यह भी उलझाने वाला सवाल है।

डीएम ने चकबंदी आयुक्त को लिखा पत्र : सीओ चकबंदी द्वारा किसान हेमराज त्यागी से घूस मांगने का मामला चकबंदी आयुक्त लखनऊ तक के दरबार में पहुंच चुका है। कई साल से जमे सीओ को हटाने के निर्देश आयुक्त द्वारा दिए जा चुके हैं। इस मसले में डीएम बीके त्रिपाठी सीओ का तबादला दूसरे जिले में करने के लिए आयुक्त को पत्र लिख चुके हैं लेकिन, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। एसओसी नितिन चौहान ने बताया कि मामले की जांच की गई थी। कुछ किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए गलत चक काटे गए हैं। जो भी अधिकारी इसमें संलिप्त होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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