Fake Currency Case : मुरादाबाद में नकली नोट खपाने वाले तीन आरोपितों पर लगा एनएसए, सरगना फरार

Fake Currency Case जेल से छूटने के बाद इनामुल मियां उर्फ बंगाली ने पश्चिमी बंगाल से नकली नोटों की खेप वीरेंद्र सिंह के पास भेजना शुरू किया था। पुलिस अभी तक इस मामले में अंशुल के बारे में कोई जानकारी नहीं हासिल कर सकी है।

Narendra KumarWed, 20 Oct 2021 05:50 AM (IST)
मूंढापांडे थानाक्षेत्र में 20 जून को दो आरोपितों को पेट्रोल पंप पर नकली नोट देते पकड़ा गया था

मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Fake Currency Case : बांग्लादेश के रास्ते देश में नकली नोट लाने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में जांच के बाद तीन आरोपितों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई है। मौजूदा समय में पांच आरोपित जिला कारागार में बंद हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई उस समय की, जब वह इस मामले में जमानत लेने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने तीन आरोपितों पर जांच के बाद एनएसए लगाया है।

मूंढापांडे थाना क्षेत्र में 20 जून को वीरेंद्र कुमार निवासी भगवानपुर थाना बिनावर बदायूं व पप्पू उर्फ फौजी निवासी भैया नगला थाना पटवाई रामपुर को गिरफ्तार किया था। यह दोनों आरोपित पेट्रोल पंप में नकली पांच सौ का नोट देकर डीजल खरीद रहे थे। पेट्रोल पंप कर्मी को शक होने पर पुलिस को इस मामले की जानकारी दी थी। वहीं मौका पाकर दोनों आरोपित भाग निकले। सीसीटीवी फुटेज को देखकर पुलिस ने दोनों आरोपितों की पहचान करने के साथ ही गिरफ्तार कर लिया था। इन दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने इन दोनों के साथी वसीम निवासी नवादा नई बस्ती थाना सिविल लाइंस, बदायूं, शानू निवासी खुलीताहरपुर थाना भमौरा बरेली के साथ ही इनामुल मियां उर्फ बंगाली उर्फ रिंकू निवासी कस्बा व थाना कालिया चौक जिला मालदा, पश्चिमी बंगाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक लाख 44 हजार के नकली नोट, दो लाख नौ हजार रुपये के असली नोट बरामद किए थे। इसके साथ ही लगभग पांच लाख रुपये में जेवर भी बरामद किए गए थे। पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई थी। वहीं जांच के बाद पुलिस ने अब इस मामले में आरोपित वीरेंद्र कुमार,पप्पू उर्फ फौजी के साथ ही वसीम पर एनएसए के तहत कार्रवाई की है।

नकली नोट लाने वाला सरगना अब भी फरार : नकली नोट के मामले में अभी भी सरगना पुलिस की पकड़ से बाहर है। आरोपितों से पूछताछ में पता चला था कि इस खेल का असली खिलाड़ी पश्चिमी बंगाल के मालदा अंशुल नाम का व्यक्ति है। नकली नोटों को बाजार में चलाकर देश की अर्थव्यवस्था को खोखला करने वाले अंशुल के विदेश से भी तार जुड़े हैं। आरोपित अंशुल के पास पाकिस्तान और बांग्लादेश होकर नकली नाेटों की खेप आती है। उसने उत्तर प्रदेश के साथ ही देश के कई प्रदेशों में नकली नोट खपाने के लिए जाल बिछाकर रखा है। इस मामले में पकड़ा गया एक आरोपित पश्चिमी बंगाल के जिला मालदा कस्बे के थाना कालिया चौक निवासी सावन मियां का बेटा इनामुल मियां उर्फ बंगाली है। आरोपित अपना नाम बदलकर नकली नोटों का धंधा करता है। नकली नाेटों के धंधे में उसे रिंकू के नाम से पहचाना जाता है। इनामुल वर्ष 2017 में दिल्ली के थाना जामा मस्जिद में नकली नोटों के साथ पकड़े जाने के बाद तिहाड़ जेल में बंद था। इस दौरान वीरेंद्र निवासी ग्राम भगवानपुर, थाना बिनावर, जनपद बदायूं भी नारकोटिक्स पदार्थ को बरेली से दिल्ली जाते समय गिरफ्तार हुआ था। दिल्ली पुलिस ने वीरेंद्र को भी तिहाड़ जेल भेजा था। दोनों की तिहाड़ जेल में ही दोस्ती हो गई। जेल से छूटने के बाद इनामुल मियां उर्फ बंगाली ने पश्चिमी बंगाल से नकली नोटों की खेप वीरेंद्र सिंह के पास भेजना शुरू किया था। पुलिस अभी तक इस मामले में अंशुल के बारे में कोई जानकारी नहीं हासिल कर सकी है।

नकली नोट के मामले में पकड़े गए पांच आरोपितों में तीन के खिलाफ एनएसए लगाने की कार्रवाई की गई है। अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

बबलू कुमार,एसएसपी मुरादाबाद 

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