EO Facebook ID Hacked : साइबर ठगों ने हैक की ईओ की फेसबुक आइडी, बीमारी का बहाना बनाकर मांग रहे रुपये

EO Facebook ID Hacked धिशासी अधिकारी ने तत्काल अपनी फेसबुक आइडी से लोगों को सावधान करते हुए आइडी हैक होने की जानकारी दी। उन्होंने लोगों से पैसे नहीं देने की भी अपील की। इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं।

Narendra KumarTue, 21 Sep 2021 01:50 PM (IST)
फेसबुक आइडी पर भी साइबर अपराधियों ने अटैक कर दिया है।

मुरादाबाद, संवाद सहयोगी। EO Facebook ID Hacked : अमरोहा की गजरौला की औद्योगिक नगरी की नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी की फेसबुक आइडी पर भी साइबर अपराधियों ने अटैक कर दिया है। उनकी आइडी हैक कर लोगों से पैसे मांगे जा रहे हैं। इस संबंध में ईओ द्वारा फेसबुक आइडी पर ही संदेश डालकर लोगों को साइबर अपराधियों से बचने की अपील की गई है।

विजेंद्र सिंह पाल गजरौला व मंडी धनौरा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी हैं। साइबर अपराधियों ने उनकी फेसबुक आइडी को हैक कर लिया और उनके फेसबुक म‍ित्रों से बीमारी का बहाना बनाकर पैसे ठगने का कार्य शुरू कर दिया। इसकी जानकारी उन्हें लोगों ने फोन कर दी। हरकत में आए अधिशासी अधिकारी ने तत्काल अपनी फेसबुक आइडी से लोगों को सावधान करते हुए आइडी हैक होने की जानकारी दी। उन्होंने लोगों से पैसे नहीं देने की भी अपील की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह गजरौला थाने में तहरीर देने की तैयारी कर रहे हैं। अभी किसी को शिकार नहीं बनाया है। बता दें कि इससे पूर्व भी साइबर अपराधी इस तरह से ही विधायक व पुलिस अधिकारियों की फेसबुक आइडी हैक कर ठगी का प्रयास कर चुके हैं। इसके बाद भी पुलिस के हाथ इन साइबर अपराधियों के गिरेबान तक नहीं पहुंच रहे हैं।

महिला का एटीएम बदलकर 50 हजार रूपये निकाले, 30 हजार मिले :  एक महिला का एटीएम कार्ड बदलकर 50 हजार रुपये की रकम निकाल ली। इतना ही नहीं आरोपितों ने पेट्रोल पंप से जाकर रकम निकाली थी। इसकी जानकारी होने पर पीड़ित पुलिस के साथ पेट्रोल पंप पर पहुंच गई। पंप द्वारा महिला को 30 हजार रुपये दे दिए। हालांकि आरोपित कैमरे में कैद हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। बता दें कि नगर के मुहल्ला अल्लीपुर निवासी हेमलता का दो सितंबर को एटीएम कार्ड बदल लिया गया था। कार्ड बदलने वाले दो आरोपित उस कार्ड को लेकर हसनपुर मार्ग पर पंट्रोल पंप पहुंचे। यहां पर उन्होंने दो बार में तीस हजार रुपये निकाले। फिर तीसरी बाद किसी दूसरे स्थान से पैसे निकाले। जानकारी मिलने पर पीड़िता, उनके स्वजन व पुलिस संबंधित पेट्रोल पंप पर पहुंचे। उन्होंने तहरीर दे दी। पुलिस के मुताबिक पेट्रोल पंप के प्रबंधन द्वारा तीस हजार रुपये महिला को दे दिए गए। बाकी दूसरे स्थान से निकालने गए 20 हजार रुपये नहीं मिले हैं। आरोप है कि पुलिस ने आरोपितों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्‍हें छोड़ दिया। जबकि चौपला पुलिस चौकी प्रभारी राजेंद्र पुंडीर का कहला है कि मामला संज्ञान में आया है। वह पैसे आरोपितों ने नहीं बल्कि पंप प्रबंधन द्वारा दिए गए थे। आरोपितों के बारे में अभी कोई सुराग नहीं लगा है। आरोपितों को छोड़ने के आरोप निराधार हैं।

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