जिला पंचायत सदस्‍य चुनाव में क‍िसान आंदोलन का असर, रामपुर के ब‍िलासपुर में नहीं जीता भाजपा का कोई प्रत्‍याशी

कांग्रेस के खलील अहमद ने 2557 के भारी अंतर से जीत हासिल की।

रामपुर के ब‍िलासपुर में जिला पंचायत चुनाव में तहसील के पांचों वार्डों में एक भी भाजपा प्रत्याशी नहीं जीत पाया। हालाकिं कुछ प्रत्याशियों ने दूसरे दलों के प्रत्याशियों से काफी फाइट की। लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।

Narendra KumarThu, 06 May 2021 03:55 PM (IST)

मुरादाबाद, जेएनएन। रामपुर के ब‍िलासपुर में जिला पंचायत चुनाव में तहसील के पांचों वार्डों में एक भी भाजपा प्रत्याशी नहीं जीत पाया। हालाकिं कुछ प्रत्याशियों ने दूसरे दलों के प्रत्याशियों से काफी फाइट की। लेकिन, उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।

कृषि कानूनों के विरोध में किसान सड़कों पर उतरे, जिसमें क्षेत्र के किसानों ने भी आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। धरने-प्रदर्शन से लेकर गाजीपुर बार्डर तक हुए आंदोलन में यहां के किसान डटे रहे। किसानों की एकजुटता और कृषि कानूनों पर होने वाले आंदोलनों को विपक्षी दलों ने भी जमकर भुनाया। करीब छह माह से आंदोलन कर रहे किसानों ने आखिरकार भाजपा प्रत्याशियों को नकार दिया। तराई की इस बेल्ट में किसानों ने भाजपा प्रत्याशियों के खिलाफ वोट करके विपक्षियों पर ज्यादा मेहरबानी दिखाई। वार्ड एक से भाजपा समर्थित प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह कुक्कू की तो जमानत तक जब्त हो गई। इस वार्ड में निर्दलीय एवं संयुक्त मोर्चा का संरक्षण प्राप्त प्रत्याशी लखविंदर सिंह ने आठ हजार के भारी अंतर से बसपा, भाजपा एवं अन्य प्रत्याशियों को हराया। वार्ड दो से तो खूब सियासी ड्रामेबाजी देखने को मिली। देर रात भाजपा समर्थित प्रत्याशी पति संतोख सिंह खेहरा ने जीतने की घोषणा इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दी गई। लेकिन, इसी वार्ड से पहला चुनाव लड़ रही तरमीन जहां ने उन्हें 700 वोटों से पराजित कर उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हारने के बाद इंटरनेट मीडिया से भाजपा प्रत्याशी को बधाई संदेश डिलीट करने पड़े। वार्ड तीन से चुनाव लड़ रहे भाजपा के नरेश बाबू गंगवार भी बड़े अंतर से हारे। उन्हें सपा समर्थित प्रत्याशी ने 1529 वोटों से हराया। वार्ड चार से चुनाव मैदान में उतरे सपा के अमरजीत सिंह ने भाजपा के जसपाल सिंह, बसपा के किशोरीलाल को हराया। उन्होंने 3832 वोटों से श‍िकस्‍त दी। वार्ड पांच से कांग्रेस के खलील अहमद ने 2557 के भारी अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा के सुरेंद्र कुमार, सपा के पलविंदर सिंह समेत निर्दलीय प्रत्याशियों को बड़े अंतर से हराया। जिला पंचायत के लिए भाजपा का एक भी सदस्य न जीतना किसानों का भाजपा को करारा जवाब है। यह भी तब जबकि यह सत्ता पक्ष के मंत्री का कार्य क्षेत्र है।

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