डाक्टर किराए पर भी उठाते हैं अपनी डिग्री, यूपी में पांच डाक्टरों की डिग्री पर 22 जिलों में चल रहे अल्ट्रासाउंड केंद्र

Doctors Degree Scam रुपये के लालच में पांच डाक्टरों ने प्रदेश के 22 जिलों में अपनी डिग्रियां किराये पर उठा रखी हैं। इनकी डिग्री पर अलग-अलग नाम से अल्ट्रासाउंड सेंटर चल रहे हैं। शासन ने पुलिस के जरिये इन चिकित्सकों को सम्मन जारी कर जवाब तलब किया है।

Samanvay PandeySat, 18 Sep 2021 05:35 PM (IST)
शासन ने पुलिस के जरिये डाक्टरों को सम्मन भेजकर मांगा जवाब

मुरादाबाद, जेएनएन। Doctors Degree Scam : रुपये के लालच में पांच डाक्टरों ने प्रदेश के 22 जिलों में अपनी डिग्रियां किराये पर उठा रखी हैं। इनकी डिग्री पर अलग-अलग नाम से अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हो रहे हैं। इसकी भनक लगने पर शासन ने पुलिस के जरिये इन चिकित्सकों को सम्मन जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही अन्य जिलों में भी पड़ताल कर रिपोर्ट तलब की गई है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ चिकित्सकों की डिग्री पर अन्य प्रदेशों में भी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हो सकते हैं। फिलहाल इसकी पड़ताल चल रही है।

डिग्री प्राप्त चिकित्सकों के नाम पर एक ही जिले में अलग-अलग नामों से नर्सिंग होम, पैथोलॉजी व अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हाेने के कई मामले सामने आ चुके हैं। यह खेल स्वास्थ्य विभाग की साठगांठ से ही खेला जाता है। शासन स्तर से इस पर जांच हुई तो पांच ऐसे डाक्टरों के नाम सामने आए जिनकी डिग्रियों पर प्रदेश के 22 जिलों में अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित होते मिले। इस पर परिवार कल्याण महानिदेशालय लखनऊ से इन पांचों डाक्टरों को पुलिस के जरिये सम्मन जारी किए गए हैं। 15 दिन के अंदर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।

जवाब न देने पर एफआइआर की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा महानिदेशालय ने अन्य जिलों के सीएमओ से भी अल्ट्रासाउंड सेंटर से संबंधित चिकित्सकों की डिग्रियां जांचकर रिपोर्ट मांगी है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के कुछ डाक्टरों की डिग्रियों पर दूसरे राज्यों में भी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हैं। इसकी भी गोपनीय पड़ताल शुरू हो गई है। जल्द ही बड़े नाम सामने आएंगे। अमरोहा में भी संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर की पड़ताल शुरू होने से हड़कंप मचा हुआ है।

डॉ. अधीश के नाम पर 28 अल्ट्रासाउंड सेंटर : शासन से जारी सम्मन में डॉ. अधीर पर्सिवाल के नाम पर 28 अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित होने का उल्लेख किया गया है। ये सेंटर आजमगढ़, बाराबंकी, बरेली, बुलंदशहर, चित्रकूट, इटावा, फर्रूखाबाद, गोरखपुर, फतेहपुर, गोंडा, गाजीपुर, हमीरपुर, कानपुर, कन्नौज, लखीमपुर, महाराजगंज, मैनपुरी, मिर्जापुर, महोबा, सीतापुर, श्रावस्ती व वाराणसी में चल रहे हैं। वहीं डॉ. दीपक शोदान कपूर के नाम पर 14 सेंटर जौनपुर, लखनऊ, कानपुर, कानपुर देहात व रायबरेली में चल रहे हैं। डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव के नाम पर 15 अल्ट्रासाउंड सेंटर आजमगढ़, बहराइच, देवरिया, फर्रूखाबाद, गोंडा, जौनपुर व लखीमपुर खीरी में संचालित हैं। डॉ. सौरभ सिन्हा के नाम 12 सेंटर बाराबंकी, उन्नाव, सम्भल, आजमगढ़ व लखनऊ में चल रहे हैं। इसी तरह डॉ. मनीष कुमार वार्ष्णेय के नाम 18 अल्ट्रासाउंड सेंटर अमेठी, बिजनौर, बरेली, बुलंदशहर, एटा, कानपुर, कुशीनगर, लखनऊ व लखीमपुर में संचालित हैं।

एक सेंटर से प्रतिमाह मिलता 20-25 हजार किराया : जिले के एक वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट के मुताबिक अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने में जिस डाक्टर की डिग्री का प्रयोग किया जाता है, उसे उसके बदले प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये किराया मिलता है। ऐसे में दस सेंटर खोलवाने पर दो से ढाई लाख रुपये घर बैठे मिल जाते हैं। नियमत: एक डिग्री पर एक ही अल्ट्रासाउंड सेंटर खोला जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की विशेष शर्तों के साथ मिली अनुमति पर कोई चिकित्सक एक ही जिले में दो सेंटर तक चला सकता है। किराये की डिग्री पर संचालित सेंटर पर झोलाछाप अल्ट्रासांड करते हैं। इससे आम मरीज बेवकूफ बनता है। प्री कंसेप्शन एंड प्री नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स के प्रभारी डा. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि शासन से सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की पड़ताल कर रिपोर्ट मांगी गई है। जिन पांच डाक्टरों को सम्मन जारी किए गए हैं, उनका अमरोहा से संबंध नहीं है। फिलहाल अल्ट्रासाउंड सेंटराें की पड़ताल की जा रही है। 

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