ऑनलाइन आर्डर के हिसाब से यूपी के इस जनपद में शुरु हुआ ढोलक का कारोबार, चालू हुए 300 बंद कारोबार

कोरोना कर्फ्यू की वजह से अमरोहा में 300 ढोलक के कारखाने बंद हो गए थे। इनमें काम करने वाले कारीगर व मजदूर बेरोजगार हो गए थे लेकिन अब कर्फ्यू में ढील मिलते ही कारखाने दोबारा से चालू हो गए हैं। कारीगर व मजदूर भी काम पर लौट रहे हैं।

Ravi MishraMon, 07 Jun 2021 07:47 PM (IST)
ऑनलाइन आर्डर के हिसाब से यूपी के इस जनपद में शुरु हुआ ढोलक का कारोबार

मुरादाबाद, जेएनएन। कोरोना कर्फ्यू की वजह से अमरोहा में 300 ढोलक के कारखाने बंद हो गए थे। इनमें काम करने वाले कारीगर व मजदूर बेरोजगार हो गए थे लेकिन, अब कर्फ्यू में ढील मिलते ही कारखाने दोबारा से चालू हो गए हैं। कारीगर व मजदूर भी काम पर लौट रहे हैं। ऑनलाइन आर्डर मिलने पर कारोबारियों को कुछ राहत मिली है। ट्रेन के जरिए यह माल आर्डर के हिसाब से भेजा जा रहा है और तैयार कराया जा रहा है। पैकिंग की जा रही है। ट्रांसपोर्टेशन का कार्य शुरू होते ही ढोलक का कारोबार पटरी पर लौटने की उम्मीद कारोबारियों द्वारा लगाई जा रही है।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए पिछले साल सरकार ने लाॅकडाउन लगाया था। जिसकी वजह से ढोलक का कारोबार ठप हो गया था। लाॅकडाउन अनलाॅक होने पर जैसे तैसे कारोबार को पटरी पर लाया जा रहा था। इसी दरम्यान कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई। जिसके कारण दूसरे राज्यों में लाॅकडाउन लग गया। यूपी में भी कोरोना कर्फ्यू लगा दिया गया। इससे फिर कारखाने बंद हो गए और उनमें कार्यरत छह हजार मजदूर बेरोजगार हो गए। सरकार ने कर्फ्यू में ढील दी है। जिससे कारोबार धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। कारखाने शुरू कर दिए गए हैं और कारीगर व मजदूर भी कामों पर लौट रहे हैं। एकाध दिन में सभी कारखाने चालू हो जाएंगे। अब कारोबारियों को ऑनलाइन आर्डर मिल रहे हैं। जिनके लिए कारखानों में माल तैयार कराया जा रहा है और उसकी पैकिंग की जा रही है।

कर्फ्यू में ढील देने से कारखाने आहिस्ता-आहिस्ता चालू हो रहे हैं। एकाध दिन में सभी शुरू हो जाएंगे। कारीगर व मजदूरों से पुराने आर्डरों का माल तैयार कराया जा रहा है। कुछ आर्डरों पर अभी भ्रम बना हुआ है क्योंकि, जिन राज्यों में माल जाना है वहां कोरोना संक्रमण अधिक है। पूरी तरह छूट नहीं मिली है। शक्ति कुमार अग्रवाल, अध्यक्ष, लकड़ी हस्तकला एसोसिएशन

अभी दो दिन पहले ही कारखानों में काम शुरू कराया है। पुराने आर्डर काफी लंबित थे। जिन्हें मजदूरों से पूरा कराया जा रहा है। अमेजन के जरिए अभी आर्डर मिल रहे हैं। उनको पूरा कराया जा रहा है। अभी ट्रांपोर्टेशन व्यवस्था शुरू नहीं हुई है। जिसकी वजह से पूरा माल नहीं जा पा रहा है। उसके चालू होते ही कारोबार में सुधार आएगा। राजीव कुमार, अध्यक्ष, ढोलक हस्तकला एसोसिएशन

कोरोना कर्फ्यू में कारोबार पूरी तरह बंद रहा। धीरे-धीरे आर्डर मिलने शुरू हो गए हैं। अभी छत्तीसगढ़, गुजरात, सोनीपत व दिल्ली से ऑनलाइन आर्डर मिले हैं। जिनका माल तैयार कर भिजवाया जा रहा है। आर्डर के हिसाब से ही माल कारखाने में तैयार किया जा रहा है। रामसरन प्रजापति, प्रोपराइटर गणपति ट्रेडर्स एंड मैन्युफैक्चरर्स

पुराना माल खत्म हो गया था। धीरे-धीरे तैयार कराया जा रहा है। जैसे ही आर्डर मिल रहे हैं वैसे ही माल की आपूर्ति की जा रही है। कोरोना कर्फ्यू में कारखाने बंद होने से मजदूरों को परेशानी हुई थी लेकिन, कारखानों के शुरू होने से वह दूर हो रही है। रोजाना 70 से 80 हजार रुपये का माल तैयार कर आर्डर के हिसाब से भेजा जा रहा है।जहीन अहमद, जिला महासचिव, ढोलक हस्तकला एसोसिएशन

 

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