मुरादाबाद में दसलक्षण पर्व के चौथे दिन शौच का अर्थ समझाया, टीएमयू में छात्रों ने की शांतिधारा

Daslakshana Festival of Jain Society सोमवार को दसलक्षण पर्व के चौथे दिन उत्तम शौच के अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर बड़ा जैन मंदिर में विराजमान इंदौर से पधारी बृहमचरिणी आशा दीदी ने कहा कि शौच का अर्थ है शुचिभूत होना।जो शुद्धात्मा का ध्यान करके उसी में रत रहता है।

Samanvay PandeyTue, 14 Sep 2021 04:34 PM (IST)
इस अपवित्र शरीर से भिन्न जो शुद्धात्मा का ध्यान करके उसी में रत रहता है।

मुरादाबाद, जेएनएन। Daslakshana Festival of Jain Society : सोमवार को दसलक्षण पर्व के चौथे दिन उत्तम शौच के अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर बड़ा जैन मंदिर में विराजमान इंदौर से पधारी बृहमचरिणी आशा दीदी ने कहा कि शौच का अर्थ है शुचिभूत होना। इस अपवित्र शरीर से भिन्न जो शुद्धात्मा का ध्यान करके उसी में रत रहता है। जो मैं सदा शुद्ध बुद्ध हूं, निर्मल हूं, स्फटिक के समान हूं, मेरी आत्मा अनादि काल से शुद्ध है। इस तरह हमेशा अपने अंदर ही ध्यान करता है। वह शुचित्व है। आत्मा का स्वरूप ही शौच धर्म है। इसलिए ज्ञानी महामुनि इसी का ध्यान करते हैं। बाह्म शारीरादि की शुद्धि करना, स्नान करना, गंगा यमुना आदि नदियों इत्यादि में स्नान करके जो लोग अपने को शुचि मानते हैं वे केवल बाह्म शुचि से ही शुद्ध हैं।

इसलिए ज्ञानी महान महात्मा मुनियों ने शरीर को शुचि न मानकर उस अमंगलमय शरीर में स्थित मंगलमय शुद्ध आत्मतत्व को ही शुचि माना है। भीतरी कुभावनाओं को त्यागकर शुद्धता का प्रयत्न करना शौच धर्म है। शांतिधारा के पुण्यार्जक चमन जैन, दीपा जैन प्रिंस जैन, आस्था जैन, वैदिक जैन रहे। दिगम्बर जैन समाज अध्यक्ष अनिल जैन, पंकज जैन, महिला अध्यक्ष नीलम जैन, शिखा जैन रहीं। शाम में आरती संचालन सुभाष जैन ने किया। मनमोहक मंगलाचरण कनिका जैन ने प्रस्तुत किया।। निधि जैन ने खुल जा तीर्थंकर द्वार गेम शो कराया। उपमंत्री अशोक जैन, शशांक जैन, एकता जैन, शिवि जैन, रीना जैन, रानी जैन, सचिन जैन, मुकेश जैन, राजीव जैन आदि रहे। वहीं रामगंगा विहार स्थित जैन मंदिर में भी दसलक्षण पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया।

टीएमयू के रिदि्ध सिदि्ध भवन में छात्रों ने की शांतिधारा : तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के रिद्धि - सिद्धि भवन में उत्तम शौच के दिन प्रथम स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य टीएमयू मेडिकल कालेज छात्र डा. ऋषभ जैन, द्वितीय स्वर्ण कलश का सौभाग्य डा. अंशुल जैन, तृतीय स्वर्ण कलश का सौभाग्य डा. आयुष भदोरा चतुर्थ स्वर्ण कलश करने का सौभाग्य डा. अर्पित देरिया को मिला। श्रीजी की स्वर्ण कलश से शांतिधारा करने का सौभाग्य मेडिकल पीजी छात्र डा. मुदित जैन, डा. सागर जैन, डा. ओजस शाह, डा. सम्यक जैन, डा. अशय जैन, डा. नमन पारिख, डा. अनिकेत जैन, रजत कलश से शांति धारा करने का सौभाग्य मेडिकल यूजी छात्र सारांश जैन, सम्यक जैन, अनिकेत जैन, समर्थ जैन, विनित जैन को मिला।

शांतिधारा और अभिषेक करने वालों को रजत कलश से सम्मानित भी किया गया। इस दौरान ऋचा जैन, डा. अर्चना जैन आदि भक्ति नृत्य में लीन नजर आए। पूजा-अर्चना में कुलाधिपति सुरेश जैन, फर्स्ट लेडी बीना जैन, जीवीसी मनीष जैन, ऋचा जैन, एमजीबी अक्षत जैन उपस्थित रहे। दूसरी ओर ऑडी में आयोजित कल्चरल इवनिंग कार्यक्रम में रेलवे मजिस्ट्रेट विनय जायसवाल, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) त्रिशा मिश्रा मुख्य अतिथि रहीं। वहीं दिल्ली की भजन पार्टी के भजनों पर श्रद्धालु झूमते रहे।

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