Corona Infection Prevention arrangement : मुरादाबाद में सेक्टर मजिस्ट्रेटों की निगरानी में हो रही गांवों की सफाई

खांसी, जुकाम होने पर तुरंत निगरानी समिति अफसरों को बताएगी।

जिले से 200 से अधिक गांवों तक कोरोना पहुंच गया है। इसलिए गांवों में लोगों ने सावधानी नहीं बरती तो अच्छे परिणाम नहीं होंगे। कोरोना से बचाव के लिए डीएम राकेश कुमार सिंह के आदेश पर सेक्टर मजिस्ट्रेटों की निगरानी में गांव-गांव सफाई अभियान शुरू हो गया है।

Narendra KumarMon, 17 May 2021 04:12 PM (IST)

मुरादाबाद, जेएनएन। जिले से 200 से अधिक गांवों तक कोरोना पहुंच गया है। इसलिए गांवों में लोगों ने सावधानी नहीं बरती तो अच्छे परिणाम नहीं होंगे। कोरोना से बचाव के लिए डीएम राकेश कुमार सिंह के आदेश पर सेक्टर मजिस्ट्रेटों की निगरानी में गांव-गांव सफाई अभियान शुरू हो गया है। हर गांव में निगरानी समितियां लोगों को खांसी और जुकाम होने पर तुरंत अफसरों काे जानकारी देने की जिम्मेदारी मिली है।

नए प्रधानों ने भी बिना शपथ लिए ही गांव में सफाई अभियान चलाने वाली टीम की मदद करनी शुरू कर दी है।पिछली बार शहर से सटे गांवों तक ही कोरोना पहुंचा था। लेकिन, दूसरी लहर में हाल बुरा है। कोरोना ने जिले के दौ से अधिक गांवों में दस्तक दे दी है। रोजाना किसी ने किसी गांव में कोरोना का मरीज मिल रहा है। सम्भल रोड के डींगरपुर गांव में कोरोना से करीब छह मौतें हो चुकी हैं। कुंदरकी विकास खंड के रतनपुर कलां गांव में कोरोना ने सपा नेता समेत कई लोगों की जान ले ली है। इसी तरह अन्य गांवों में भी कोरोना के मरीज रोजाना मिल रहे हैं। ऐसे में डीएम के गांव-गांव कोरोना के मरीजों का पता लगाने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट बना दिए हैं। सेक्टर मजिस्ट्रेटों की निगरानी में ग्राम पंचायतों में सफाई अभियान शुरू हो गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए हर गांव में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। मलेरिया से बचाव के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव गांवों की गली-गली में होने लगा है। निगरानी समिति खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों को चिहिन्त करके अधिकारियों को जानकारी दे रही हैं। ऐसे सभी लोगों का कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है। आंगनबाड़ी ,एएनए और आशा कार्यकर्ता के साथ ग्राम पंचायत का सचिव भी लगा दिया गया है। जिस गांव में सफाई कार्य करने में लापरवाही होगी, वहां के सचिव और सफाई कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

संदिग्धों की होगी थर्मल स्‍क्रीनिंग 

गांवों में जिन लोगों को बुखार आ रहा है। खांसी और जुकाम की शिकायत है। ऐसे लाेगों की एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को थर्मल  स्‍क्रीनिंग करनी है। आक्सीजन का लेवल भी ऐसे मरीजों का देखा जाना है। लगातार बुखार रहने की स्थिति में तुरंत सूचना आला अधिकारियों को दी जानी है। ताकि समय से टेस्ट होने के बाद ऐसे लोगों को इलाज मिल सके।

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