Corona Fighters : ज‍िला अस्‍पताल के फार्मासिस्ट ने सकारात्‍मक सोच से दी कोरोना को मात, आप भी अपनाएं ये तरीका

सरकारी अस्पताल में मानव सेवा के लिए जुटे कर्मचारी ड्यूटी से भी अधिक काम कर रहे हैं। स्थिति ये हो चुकी है कि लक्षण के बाद ही जांच कराई जा रही है। इस बीच कुछ स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी हौसले के साथ डटे हुए हैं।

Narendra KumarSat, 08 May 2021 11:33 AM (IST)
कुछ स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी कोरोना संक्रम‍ित होने के बावजूद हौसले के साथ डटे हुए हैं।

मुरादाबाद, जेएनएन। सरकारी अस्पताल में मानव सेवा के लिए जुटे कर्मचारी ड्यूटी से भी अधिक काम कर रहे हैं। स्थिति ये हो चुकी है कि लक्षण के बाद ही जांच कराई जा रही है। कुछ स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी कोरोना संक्रम‍ित होने के बावजूद हौसले के साथ डटे हुए हैं। 

लगातार 12 घंटे की ड्यूटी कर रहे फार्मासिस्ट निश्चल भटनागर को 21 अप्रैल को सिरदर्द, गले में खरास की समस्‍या हो गई। हालत बिगड़ी तो उन्होंने फौरन टेस्ट कराया। 21 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इसके बाद वो घर में ही होम आइसोलेट हो गए। सरकारी गाइड लाइन का पालन करना शुरू कर दिया। हाइ प्रोटीन डाइट के साथ ही हरी पत्तेदार सब्जियों का भी सेवन शुरू कर दिया। दिनचर्या भी बदल गई। सुबह में एक से दो घंटे तक योग शुरू कर दिया। सुबह-शाम भपारा और ग्रीन टी नींबू के साथ लेना शुरू कर दिया। अस्पताल में भी स्टाफ लगातार संक्रमित हो रहा है। 14वें दिन रिपोर्ट निगेटिव मिलने के बाद ड्यूटी आ गए हैं। उनका कहना है कि मन में कोई नकारात्मक विचार नहीं आना चाहिए। दोस्तों से बातें करें। गाने सुने, हंसते रहे। इसके साथ गाइड लाइन का पालन करते रहें। इससे कोरोना संक्रमण की दहशत आप पर हावी नहीं होगी। आप आसानी से कोरोना संक्रमण को मात दे देंगे।

 

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