मुरादाबाद में किसानों को नहीं मिले सोलर पंप, सीडीओ खफा

सप्लाई करने वाली कंपनियों को एक सप्ताह का समय दिया।

मुरादाबाद में सोलर पंप लगवाने के लिए सैकड़ों किसानों ने आवेदन किया था। इस दौरान 115 किसानों का चयन हुआ था। योजना के तहत किसानों को पंप की कीमत के मुताबिक चालीस फीसद धनराशि का चेक देना था। 60 फीसद धनराशि सरकार को बतौर सब्सिडी देनी थी।

Publish Date:Tue, 01 Dec 2020 06:26 PM (IST) Author: Samanvay Pandey

मुरादाबाद, जेएनएन। जिले में सोलर पंप योजना के लिए चयनित किसानों को अभी तक पंप नहीं मिल पाए हैं जबकि किसानों ने अपने हिस्से का अंश भी जमा कर दिया है। सीएम कार्यालय के इस संबंध में पूछताछ किए जाने पर अफसर हरकत में आ गए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी आनंद वर्धन ने सप्लाई करने वाली कंपनियों को एक सप्ताह में सोलर पंपों की सप्लाई न होने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

मुरादाबाद में सोलर पंप लगवाने के लिए सैकड़ों किसानों ने आवेदन किया था। इस दौरान 115 किसानों का चयन हुआ था। योजना के तहत किसानों को पंप की कीमत के मुताबिक चालीस फीसद धनराशि का चेक देना था। 60 फीसद धनराशि सरकार को बतौर सब्सिडी देनी थी। सोलर पंपों की सप्लाई की जिम्मेदारी प्रीमियम और रोटा बैक कंपनी को दी गई थी। किसानों ने अपना अंश जमा कर दिया। लेकिन, कोरोना संक्रमण के दौरान कंपनियों ने किसी किसान को भी सोलर पंप नहीं दिया। जबकि पड़ोसी जिले रामपुर में कंपनियों ने किसानों को सोलर पंपों की सप्लाई कर दी है। मुरादाबाद के किसान अपने हिस्से का अंश देने के बाद भी सोलर पंप लेने के लिए विकास भवन के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन, इसके बाद भी अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यों में यह काम भी शामिल है। सीएम कार्यालय ने इसे लेकर पूछताछ करनी शुरू कर दी है। इसके बाद अधिकारी हरकत में आ गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी आनंद वर्धन ने बताया कि साेलर पंपों की सल्पाई करने वाली दोनों कंपनियों को एक सप्ताह का समय दिया गया है।

सोलर पंपों से बिजली की होगी बचत

मुख्य विकास अधिकारी आनंद वर्धन ने बताया कि किसानों को सोलर पंप मिलने के बाद बिजली की बचत होगी। इन पंपों के जरिए किसान अपनी फसलों की सिंचाई कर सकेंगे। नलकूप कनेक्शनों के लिए किसानों को दौड़ना नहीं पड़ेगा। इसलिए हमारी कोशिश है कि जिन किसानों का सोलर पंप योजना में चयन हुआ है उनको जल्द सप्लाई मिल जाए। कंपनियों के अधिकारियों ने एक सप्ताह का समय मांगा है। सप्लाई में इसके बाद भी देरी करने पर पत्र लिखा जाएगा।

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