Make Small Strong: अशोका एग्रीकल्चर की 52 साल पुरानी साख आज भी बरकरार

कांठ रोड स्थित अशोका एग्रीकल्चर ने अपनी पहचान मुरादाबाद ही नहीं आसपास के जनपदों में
Publish Date:Sat, 24 Oct 2020 03:17 AM (IST) Author:

मुरादाबाद,जेएनएन: कांठ रोड स्थित अशोका एग्रीकल्चर ने अपनी पहचान मुरादाबाद ही नहीं आसपास के जनपदों में कौशल व अच्छी गुणवत्ता का बि¨ल्डग मेटेरियल बेचकर बनाई है। 52 साल पहले 1968 में कारोबार शुरू किया तो पीछे मुड़कर नहीं देखा। इन 52 सालों में बि¨ल्डग मेटेरियल की रेंज बढ़ाने से लेकर फुटकर से थोक तक कारोबार पहुंचा दिया है।

स्व.अशोक कुमार गुप्ता के 1992 में निधन के बाद उनके बेटे दीपक कुमार गुप्ता ने बिजनेस को संभाला तो कारोबार को बढ़ाया। पहले इनकी दुकान व स्टोर हरथला में था। लेकिन,जगह कम देख कांठ रोड पर ही वर्ष 2000 में ज्यारत के सामने कारोबार शुरू किया। नई जगह बिजनेस शिफ्ट करने के बाद फुटकर से थोक का कारोबार भी करने लगे। मुरादाबाद, रामपुर व अमरोहा तक बि¨ल्डग मेटेरियल जाता है। अपनी गुणवत्ता व व्यवहार से लुभाने वाले दीपक गुप्ता ने दिल्ली रोड पर भी वर्ष 2017 में बि¨ल्डग मेटेरियल का काम शुरू कर दिया। हाल ही में 13 अक्टूबर से डिपार्टमेंटल स्टोर भी शुरू किया गया है। बि¨ल्डग मेटेरियल का कारोबार करने में यहां भी कांठ रोड की तरह मुश्किल नहीं हुई। थोक कारोबार के लिए अब फैक्ट्री से सीधे रैक मंगाते हैं। लॉकडाउन में जब तमाम व्यापारियों ने अपने कर्मचारियों को निकाल दिया था तब अशोका एग्रीकल्चर स्टोर पर काम करने वाली कर्मचारियों को नहीं निकाला गया। करीब 50 कर्मचारी काम करते हैं। लॉकडाउन के दौरान वेतन आधा कर दिया। दीपक कुमार गुप्ता कहते हैं कि उन्होंने कभी गुणवत्ता से समझौता नहीं किया, इसीलिए ग्राहकों का भरोसा बरकरार है। दूसरा यह कि पिता जी ने जब कारोबार शुरू किया, तब अशोका एग्रीकल्चर स्टोर में खाद भी बेचते थे। अब खाद बेचना बंद कर दिया है। सिर्फ बि¨ल्डग मेटेरियल बेचते हैं। लेकिन, ब्रांड का नाम एग्रीकल्चर ही रखा। इसी ब्रांड के नाम से नया कारोबार भी शुरू किया। कहते हैं कि ब्रांड से ही दूर-दूर तक पहचान है।

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