केशव के तरकश से निकले हिंंदुत्व व राष्ट्रवाद के तीर, पुलवामा व राम मंदिर के मुद्दे पर भीड़ को साधा

केशव के तरकश से निकले हिंंदुत्व व राष्ट्रवाद के तीर, पुलवामा व राम मंदिर के मुद्दे पर भीड़ को साधा
Publish Date:Fri, 30 Oct 2020 05:08 PM (IST) Author: Abhishek Pandey

अमरोहा, आसिफ अली। उपचुनाव के रणक्षेत्र में भाजपा के योद्धा के रूप में नौगावां पहुंचे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के चुनावी तरकश से हिंंदुत्व व राष्ट्रवाद की चाशनी में डूबे तीर खूब निकले। पुलवामा हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक, गलवां घाटी, राम मंदिर व अनुच्छेद 370 के सहारे भीड़ को साधा। जहां कांग्रेस से 60 साल का हिसाब मांगा तो सपा बसपा से 15 साल का लेखा-जोखा देने की बात कही। स्थानीय मुद्दों के सहारे लोगों में पैठ बनाने में भी पीछे नहीं हटे। खुद को किसान का बेटा बताते हुए सड़क, बिजली व किसानों की समस्याओं के समाधान का जिक्र किया।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शुक्रवार को बादशाहपुर के मैदान में आयोजित जनसभा के मंच पर पहुंचे तो

भीड़ पर नजर दौड़ाई। संभवत भीड़ की नब्ज टटोली। बोले-भाजपा में वंशवाद नहीं है। मुझ जैसे छोटे किसान के बेटे को कितनी बड़ी जिम्मेदारी दी है। आम आदमी की जरुरत क्या है, मैं जानता हूं। सड़क, बिजली, खाद-बीज, गन्ना सभी समस्याओं का हल किया जाएगा। उसके बाद उन्होंने अपने चुनावी तरकश से हिंदुत्व व राष्ट्रवाद की चाशनी में डूबे तीर निकाले। राष्ट्रवाद के मुद्दे पर लोगों को समझाया कि पुलवामा हमला हुआ तो विपक्ष हंगामा कर रहा था। 56 इंच का सीना रखने वाले मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक कर जवाब भी दे दिया। विपक्ष को हजम नहीं हुआ तो सवाल खड़े कर दिए। बोले-अब तो पाकिस्तान के मंत्री पुलवामा हमले को कबूल कर रहे हैं। भाजपा राष्ट्रवाद के मुद्दे पर कांग्रेस की तरह समझौता नहीं करती। फिर चीन के मुद्दे पर लोगों से रूबरू हुए। उन्हें गलवां घाटी में मोदी के नेतृत्व में चीन को सबक सिखाए जाने का जिक्र किया। बोले-चीन की सीमा पर सैनिकों ने तिरंगा फहरा दिया है। यह मोदी व भाजपा ही कर सकती है। ङ्क्षहदुत्व के मुद्दे पर जोश भरा तथा श्रीराम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ होने के साथ ही कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म होने का जिक्र कर भीड़ से खूब नारे लगवाए। इसके लिए अपने संबोधन की शुरुआत व अंत भी जय श्रीराम व भारत माता की जय के जयकारे से किया। कुल मिलाकर उपमुख्यमंत्री स्थानीय मुद्दों के साथ ही हिंंदुत्व व राष्ट्रवाद के मुद्दों के सहारे जनता में छाप छोडऩे में कामयाब रहे।

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