Abdullah Birth Certificate Case : जन्म प्रमाण पत्र, पैनकार्ड और पासपोर्ट मामले में अब 10 जनवरी को होगी सुनवाई

Abdullah Birth Certificate Case पत्नी व बेटे के खिलाफ दर्ज तीन मुकदमों में भी सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत इन मामलों मेंं अब 10 जनवरी को सुनवाई करेगी। ये तीनों मामले अब्दुल्ला आजम की जन्मतिथि से जुड़े हैं।

Narendra KumarPublish:Sat, 27 Nov 2021 06:22 AM (IST) Updated:Sat, 27 Nov 2021 06:22 AM (IST)
Abdullah Birth Certificate Case : जन्म प्रमाण पत्र, पैनकार्ड और पासपोर्ट मामले में अब 10 जनवरी को होगी सुनवाई
Abdullah Birth Certificate Case : जन्म प्रमाण पत्र, पैनकार्ड और पासपोर्ट मामले में अब 10 जनवरी को होगी सुनवाई

मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Abdullah Birth Certificate Case : रामपुर सांसद आजम खां और उनकी पत्नी व बेटे के खिलाफ दर्ज तीन मुकदमों में भी सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत इन मामलों मेंं अब 10 जनवरी को सुनवाई करेगी। ये तीनों मामले अब्दुल्ला आजम की जन्मतिथि से जुड़े हैं।

आरोप है कि अब्दुल्ला ने कम उम्र में विधानसभा चुनाव लड़ा। इसके लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया। बाद में पैनकार्ड और पासपोर्ट में भी जन्मतिथि बदलवा दी थी। भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने इस मामले में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, फर्जी पासपोर्ट और फर्जी पैन कार्ड बनवाने के आरोप में तीन मुकदमे दर्ज कराए थे। इन तीनों मुकदमों की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही थी। इनमें जन्म प्रमाण पत्र के मुकदमे में सांसद के अलावा उनकी पत्नी शहर विधायक डा. तजीन फात्मा और बेटा अब्दुल्ला नामजद है। पैन कार्ड मामले में सांसद और उनका बेटा नामजद है, जबकि पासपोर्ट के मुकदमे में सिर्फ अकेले अब्दुल्ला को नामजद किया है। जिला शासकीय अधिवक्ता अरुण प्रकाश सक्सेना ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ये तीनों मुकदमे भी मजिस्ट्रेट न्यायालय में स्थानांतरित हो जाएंगे। तब तक इनकी सुनवाई एमपी-एमएलए के सेशन कोर्ट में स्थगित रहेगी।

मातृ वंदना योजना में रामपुर आठवें स्थान पर : प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती महिलाओं के लिए हितकारी साबित हो रही है। इस योजना में रामपुर को प्रदेश में आठवां स्थान मिला है। नोडल अधिकारी डा राकेश चंद्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एक जनवरी 2017 से संचालित की जा रही है। योजना में सरकार की ओर से प्रथम बार गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं को उचित खानपान एवं पोषण के लिए पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाती है। जिले को आवंटित लक्ष्य 61079 के सापेक्ष 61872 गर्भवती माताओं को योजना से जोड़ा जा चुका है। यह लक्ष्य का 101 प्रतिशत है।