अब्बास की दो फेसबुक आइडी में से एक कर दी गई डिलीट, वजह जानने में जुटी पुलिस

मुरादाबाद, जेएनएन। देशद्रोह में जेल गए आइएफटीएम के छात्र अब्बास की हर गतिविधि की पुलिस पड़ताल कर रही है। अब्बास ने दो फेसबुक आइडी बना रखी थीं। घटना के बाद एक आइडी को डिलीट कर दिया गया। दूसरी आइडी पर पुलिस उसके फ्रेंड सर्किल पर नजर रखे हुए है। साथ ही शुक्रवार को पुलिस की एक टीम ने अमरोहा पहुंचकर उसके पड़ोसियों के बयान दर्ज किए और पूरे परिवार की हिस्ट्री के बारे में जानकारी जुटाई।

ये है पूरा मामला

अमरोहा के नौगावां सादात के मुहम्मद शाहफरीद निवासी अब्बास पुत्र हैदर अली आइएफटीएम विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटङ्क्षरग टेक्नोलॉजी प्रथम ईयर का छात्र है। सोमवार को पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि सभा में अब्बास ने पाक जिंदाबाद के नारे लगाए थे। कुलसचिव संजीव अग्रवाल की तरफ से अब्बास के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस अब्बास को जेल भेज चुकी है। पुलिस की टीम ने अब्बास के सोशल नेटवर्क की पड़ताल की है। अब्बास ने दो फेसबुक आइडी बना रखी थीं। घटना के बाद एक फेसबुक आइडी को डिलीट कर दिया गया है। माना जा रहा है कि उक्त फेसबुक आइडी को अब्बास के परिवार या दोस्त ने डिलीट किया है। अब्बास के पाक जिंदाबाद के नारे लगाने के पीछे माना जा रहा है कि वह किसी आतंकी संगठन के संपर्क में तो नहीं था। क्योंकि देवबंद से कश्मीर के दो आतंकी पकड़े गए हैं, जो वेस्ट यूपी के युवाओं को बरगला कर आतंक का पाठ पढ़ा रहे थे। पुलिस की एक टीम ने अमरोहा के नौगावां सादात में पहुंचकर अब्बास के पड़ोसियों ने उनके परिवार के बारे में जानकारी जुटाई है। साथ ही उसके भाई और बहनों की दिनचर्या पर भी नजर रखी जा रही है। माना जा रहा है कि सबसे ज्यादा अब्बास का संपर्क उसके जीजा से था। उसके जीजा पर भी गोपनीय तरीके से नजर रखी जा रही है। एसओ नीरज शर्मा ने बताया कि मामला देश की राष्ट्रीयता से जुड़ा होने से पुलिस और खुफिया विभाग अलग-अलग प्वाइंटों को टच कर सूचनाएं एकत्र कर रहे हैं, जिन्हें विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा।

शाहनवाज और आकिब की गिरफ्तारी के बाद कश्मीरी छात्रों पर खुफिया नजर

पुलवामा में आतंकी हमले के बाद कश्मीरी छात्रों का सोशल मीडिया पर पाक की हिमायत करना सुरक्षा एजेंसियों को पहले से ही सकते में डाल चुका है। देवबंद में पकड़े गए दो कश्मीरी छात्र जैश-ए-मोहम्मद के आंतकी संगठन से जुड़े होने पर सभी कश्मीरी छात्रों पर खुफिया निगाह रखी जा रही है। मुरादाबाद में पढऩे वाले सभी 106 कश्मीरी छात्रों का रिकार्ड भी सुरक्षा एजेंसी ने भी मांग लिया है।

सोशल मीडिया पर की थी पाक की हिमायत

पुलवामा में आतंकी हमले के बाद पूरे देश में कश्मीरी छात्रों ने सोशल मीडिया को हथियार बनाकर पाकिस्तान की हिमायत की है। मुरादाबाद में कश्मीरी छात्र रफी फारुख ने एमआइटी में पाक जिंदाबाद के नारे तक लगाए। देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बाद रफी कश्मीर भाग गया। अभी यह मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि एटीएस की टीम ने सहारनपुर के देवबंद से कश्मीरी छात्र शाहनवाज तेली और आकिब अहमद मलिक को गिरफ्तार कर लिया है, जो आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए है। उसके बाद तो प्रदेशभर में कश्मीरी छात्रों का रिकार्ड तलाशा जाने लगा है। मुरादाबाद में भी 106 कश्मीरी छात्र है, जिनमें से 20 छात्र अवकाश लेकर कश्मीर के लिए निकल गए है। सुरक्षा एजेंसी एनआइए ने भी कश्मीरी छात्रों का ब्योरा मांगा है। माना जा रहा है कि कश्मीरी छात्रों की गतिविधियों पर पूरी तरह से नजर रखी जाएगी। उनकी रोजाना की कार्यशैली के साथ ही फेसबुक और वाट्स-एप पर नजर रखी जा रही है। साथ ही सभी कॉलेजों को भी आदेश दिया है कि कश्मीरी छात्रों को बेवजह उत्पीडऩ न किया जाए। एसएसपी जे रविन्दर गौड का कहना है कि कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी कॉलेज प्रशासन को आदेश दिए है। साथ ही उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

 

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