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मुरादाबाद में 12 संक्रमित और 154 मिले निगेटिव

मुरादाबाद,जेएनएन : लखनऊ से मिली रिपोर्ट में 12 लोग संक्रमित जबकि 154 निगेटिव पाए गए हैं। पुलिस ने लाजपतनगर के रास्तों को दोबारा सील कर दिया है। उधर, मंडीचौक में पहला पॉजिटिव केस मिलने के बाद सर्राफा बाजार में हड़कंप मच गया है।

शनिवार की शाम मिली रिपोर्ट से पुलिस के साथ ही स्वास्थ्य विभाग में हडकंप मच गया है। थाना नागफनी के प्रभारी, स्वास्थ्य विभाग के एआरओ के परिवार के नौ लोग, मंडी चौक का युवक, कांठ रोड के निजी अस्पताल की स्टाफ नर्स की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पुलिस ने रिपोर्ट मिलने के बाद लाजपतनगर के सभी रास्तों को दोबारा सील कर दिया है।

स्वास्थ्य विभाग के लाजपतनगर निवासी एआरओ पहले ही संक्रमित हो चुके हैं। अब उनकी एक बेटी और दो बेटे, एक भाई, उनकी पत्नी, बेटी और बेटा, दूसरा भाई और उनकी पत्नी कोरोना संक्रमित हुए हैं। एक ही परिवार के नौ लोग संक्रमित होने से क्षेत्र को पुलिस ने दोबारा सील कर दिया है। सभी गलियों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। उधर, मंडी चौक के मुफ्ती टोला निवासी 17 वर्षीय युवक और कांठ रोड के निजी अस्पताल की स्टाफ नर्स भी पॉजिटिव मिली हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमसी गर्ग ने बताया कि 12 लोग पॉजिटिव हैं। इसमें स्वास्थ्य विभाग के एआरओ के परिवार के नौ लोग हैं। एक निजी अस्पताल की स्टाफ नर्स, एक पुलिस कर्मी और एक मुफ्ती टोला का युवक है। 154 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। ------------

फ्रंट लाइन कर्मियों ने दी काम बंद करने की चेतावनी

स्वास्थ्य विभाग में बाबू संगठन और टीबी कंट्रोल कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारियों में ठन गई है। शनिवार को टीबी कंट्रोल कर्मचारियों ने काम बंद करने की चेतावनी जिला सर्विलांस अधिकारी को दे डाली।

टीबी कंट्रोल इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन जिला अध्यक्ष डॉ. जगवीर सिंह के नेतृत्व में 10 कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला क्षय रोग अधिकारी को चेतावनी पत्र दिया। उन्हें बताया गया कि मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के लिपिकों द्वारा कोरोना के नमूने ले रहे टीबी कर्मचारियों से कमरा खाली कराने का दबाव बनाया जा रहा है। कुछ दिनों पहले यूपी मेडिकल एंड हेल्थ मिनिस्टीरियल एसोसिएशन ने विरोध के साथ कक्ष खाली कराने का दबाव बनाया है। हम लोगों को कोरोना नमूने सील करने के लिए ये कक्ष सीएमओ ने आवंटित किया है। हम लोगों को दिए जा रहे कक्ष में गंदगी है। हम लोग ही सबसे अधिक जोखिम वाला काम कर रहे हैं। अगर दबाव बनाया जाता है तो काम बंद किया जा सकता है। पत्र देने वालों में निहाल खान, गजेंद्र सिंह, मनोज कुमार पाराशर, डॉ मुहम्मद जावेद, मनोज कुमार, नरेश कुमार राना आदि रहे।

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