काली घटाओं से छाया अंधेरा, बारिश से फिजा में घुली ठंडक

मंगलवार को बारिश के रूप में बरसी आसमानी आफत ने खेतों में पकी खड़ी धान की फसल को तबाह कर दिया। बारिश ने खेतों को लबालब कर दिया। इससे धान की फसल लोट गई। बारिश के कारण धान और तिल्ली को भारी नुकसान हुआ। हाल में बोई गई सरसों मटर को भी इस बारिश से हानि हुई है। खेतों में पानी भर जाने से इनके बीज तैरकर ऊपर आ गए।

JagranTue, 19 Oct 2021 08:27 PM (IST)
काली घटाओं से छाया अंधेरा, बारिश से फिजा में घुली ठंडक

जागरण संवाददाता, मीरजापुर : मंगलवार को बारिश के रूप में बरसी आसमानी आफत ने खेतों में पकी खड़ी धान की फसल को तबाह कर दिया। बारिश ने खेतों को लबालब कर दिया। इससे धान की फसल लोट गई। बारिश के कारण धान और तिल्ली को भारी नुकसान हुआ। हाल में बोई गई सरसों, मटर को भी इस बारिश से हानि हुई है। खेतों में पानी भर जाने से इनके बीज तैरकर ऊपर आ गए। पहले बाढ़ और फिर बारिश की दोहरी मार ने किसानों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। अन्नदाता को धान की फसल से काफी उम्मीद थी, लेकिन कटाई के पहले ही उसकी मेहनत पर पानी फिर गया।

एक ओर जहां किसान खेतों पर रबी की फसल समेटने में लगा हुआ है, वहीं बारिश होने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। गरज-चमक के साथ आसमान से बरसी बारिश की बूंदें किसानों की उम्मीदों को धोने का काम कर रही हैं। हालांकि बारिश ने मौसम में ठंडक घोल दी है। इससे गर्मी से राहत भी मिल गई है। वहीं बारिश के बीच दिन भर काली घटाएं छाई रहीं। खेतों में घुटनों तक भरा पानी

कुछ घंटों की तेज बारिश के कारण खेतों में पानी लबालब भर गया। सुबह जब किसान अपनी फसल की हालत देखने खेतों में पहुंचे तो उनकी आंखें भर आईं। खेतों में घुटने तक पानी भरा हुआ था। पूरी धान की फसल लोटी थी। इस फसल से किसानों को काफी उम्मीद थी, लेकिन अचानक आई आफत की बारिश ने किसानों की खुशी को ग्रहण लगा दिया। आसमान पर छाई काली घटाओं के साथ बरसती बूंदे बढ़ा रहीं चिता

मंगलवार को अचानक से मौमस बदला। शहर के साथ पूरे जिले में बारिश हुई। आसमान पर छाई काली घटाओं के साथ फसलों को लेकर किसानों की चिताएं भी बढ़ रही हैं तो बारिश बंपर उत्पादन की उम्मीदों को धोने का काम कर रही है। किसान वर्तमान में खेतों पर फसल कटाई के साथ निकालने में लगा हुआ है। ऐसे में बारिश से होने वाले नुकसान के कारण उसकी चिताएं बढ़ रही हैं। बरसात से धान की कटाई बाधित

लालगंज : तेज हवा के साथ हुई बरसात से धान की अगेती खेती करने वाले किसानों का नुकसान हुआ है। खेत में काटकर रखी गई फसल पानी में डूब गई। सरसों, मटर, मसूर की बोआई के लिए तैयार खेतों में पानी लगने से अब बोआई पिछड़ जाएगी। हालांकि बरसात से लेट बैरायटी धान की फसल को फायदा मिला है। ऐसे ही रहा मौसम तो जल्द आएगी ठंड

चुनार : मंगलवार को सुबह से ही आसमान में छाए काले बादल दोपहर होते-होते करीब आधा घंटा जमकर बरसे। तेज हवा और बारिश से तापमान में गिरावट के साथ जहां मौसम में तब्दीली आई। वहीं खेतों में खड़ी धान की फसल लेट गई। मंगलवार की बारिश धान किसानों के लिए काफी नुकसान दायक साबित हुई। कैलहट के किसान राजेश कुमार, विरेंद्र कुमार, सिद्धनाथ सिंह ने बताया कि कुछ दिनों बाद फसल कटनी थी, लेकिन तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से पूरी फसल खेत में गिर गई। इससे काफी नुकसान हो गया। वहीं मंगलवार को न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियश रिकार्ड किया गया। मौसम में आई तब्दीली के बाद लोगों को उमस और चिपचिपी गर्मी से काफी राहत मिली। यदि मौसम ऐसे ही रहा तो आने वाले दिनों में ठंड का दायरा बढ़ेगा।

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