गांवों में पानी घुसने का स्तर बढ़ने लगा, अधिकारियों के फूलने लगे हाथ-पांव

जरगो जलाशय से सटे हुए खुटहा गांव में हुए जलप्लावन की समस्या को दूर करने के लिए अधिशासी अभियंता हरिशंकर प्रसाद एसडीओ और जेई के साथ मौके पर डटे हुए हैं। शनिवार को भी सायफन की सफाई न होने की वजह से गांव में पानी घुसने का स्तर बढ़ने लगा।

JagranSat, 24 Jul 2021 11:01 PM (IST)
गांवों में पानी घुसने का स्तर बढ़ने लगा, अधिकारियों के फूलने लगे हाथ-पांव

मीरजापुर : जरगो जलाशय से सटे हुए खुटहा गांव में हुए जलप्लावन की समस्या को दूर करने के लिए अधिशासी अभियंता हरिशंकर प्रसाद, एसडीओ और जेई के साथ मौके पर डटे हुए हैं। शनिवार को भी सायफन की सफाई न होने की वजह से गांव में पानी घुसने का स्तर बढ़ने लगा। इसे देख सिचाई विभाग के अधिकारियों के हाथ पांव फूलने लगे। जाम हुए सायफन की सफाई करने में सफलता नहीं मिल पाने की वजह से नहर के किनारे लगभग एक किलोमीटर दूर तक दस फीट गड्ढे की खोदाई कराने के लिए तीन जेसीबी व एक हाइड्रा मशीन लगाकर कार्य कराया जा रहा है। इससे दूसरे स्थान पर लगे हुए सायफन से पानी की निकासी कराई जा सके।

बुधवार को खुटहा गांव के दर्जनों घरों व सैकड़ों बीघा खेतों में पानी घुसने की वजह से ग्रामीणों ने काफी विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद सिचाई विभाग के अधिकारियों की नींद टूटी। गुरुवार को नहर की साइड वाल को तोड़कर पानी की निकासी की गई, लेकिन स्थिति फिर से बदतर होना शुरू हो गई। चार दिनों से सायफन जाम को साफ कराने में सफलता नहीं मिल पाने की वजह से शनिवार को सिचाई विभाग के अधिकारियों ने नहर के किनारे लगभग एक किलोमीटर दूर तक दस फीट गड्ढे की खोदाई के लिए जेसीबी मशीन लगा दिया है। इससे पानी की निकासी की जा सके और स्थानीय लोगों को राहत मिल सके। लिक रोड की भी हुई खोदाई

खुटहा गांव में घुसे पानी को निकालने के लिए पहले नहर की साइड वाल को तोड़ा गया। उसके बाद भी सफलता नहीं मिली तो गांव में घुसने वाले दो लिक रोड को तोड़ा जा रहा है, जिससे पानी ढलान की ओर आकर दूसरे सायफन से निकल सके। गड्ढे खोदने का ग्रामीणों ने किया विरोध

गड्ढे की खोदाई के लिए किसानों ने जब विरोध किया तो सिचाई विभाग के अधिकारियों के जमीन की नापी कराने के लिए कहा। बताया कि खोदाई सिचाई विभाग की जमीन में किया जा रहा है तो किसान पीछे हट गए और खोदाई का कार्य शुरू कराई गई।

वर्जन

खुटहा गांव में उत्पन्न हुए पानी की समस्या को दूर करने के लिए नहर के किनारे खोदाई कराई जा रही है। दूसरे सायफन के माध्यम से पानी को निकालने के बाद जाम हुए सायफन की सफाई कराई जाएगी।

हरिशंकर प्रसाद, अधिशासी अभियंता सिचाई विभाग।

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