छुट्टियां मनाने आया परिवार, बच्चों की मौत ने दहलाया

छुट्टियां मनाने आया परिवार, बच्चों की मौत ने दहलाया

थानाक्षेत्र के दुगौली गांव में तीन बच्चियों की मौत ने हर किसी को दहला दिया है। इनकी मांओं की चीख-पुकार सुन आसपास के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे। पुणे जैसे शहर में रहने वाले बच्चों को जब गंगा का अथाह जल मिला तो वे खुद को रोक नहीं पाए और गहरे पानी में समाते चले गए। गनीमत रही दो बालकों को बचा लिया गया अन्यथा एक परिवार का चिराग बुझ जाता। छुट्टियां मना रहे परिवार की खुशियां अचानक गम में बदल गईं और लोगों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।

JagranTue, 28 May 2019 07:37 PM (IST)

जागरण संवाददाता, मीरजापुर : थानाक्षेत्र के दुगौली गांव में तीन बच्चियों की मौत ने हर किसी को दहला दिया है। इनकी मां की चीख-पुकार सुन आसपास के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे। पुणे जैसे शहर में रहने वाले बच्चों को जब गंगा का अथाह जल मिला तो वे खुद को रोक नहीं पाए और गहरे पानी में समाते चले गए। गनीमत रही दो बालकों को बचा लिया गया अन्यथा एक परिवार का चिराग बुझ जाता। छुट्टियां मना रहे परिवार की खुशियां अचानक गम में बदल गईं और लोगों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।

दुगौली निवासी जयशंकर पांडेय के तीन बेटे हैं। विमल पांडेय, धीरेंद्र पांडे व कमल पांडेय। सभी पुणे में रहकर नौकरी करते हैं और एक महीने पहले सभी गांव आए थे। यहां पर गृह प्रवेश के बाद बच्चों की छुट्टी होने के कारण वे सभी छुट्टियां मना रहे थे। विमल पांडे की तीन बेटियां हैं उजाला, अंशिका व श्रद्धा जबकि एक लड़का है चिराग। विमल की दो बेटियों अंशिका व श्रद्धा की मौत हो गई जबकि बेटे चिराग को डूबने से बचा लिया गया। वहीं भाई धीरेंद्र की बेटी बबली भी अब इस दुनिया में नहीं रही। धीरेंद्र की एक और बेटी लवली व चार वर्ष के बेटे रुद्र का रो-रोकर बुरा हाल है। तीसरे भाई कमल का इकलौता बेटा दर्शन इस हादसे में बाल-बाल बच गया और मछुआरों की तत्परता ने उसे मौत के मुंह से बाहर खींच लिया। अचानक हुए हादसे के बाद विमल की पत्नी सीता व धीरेंद्र की पत्नी रितु को गहरा धक्का लगा है और घटना के बाद से ही वे चीखती-चिल्लाती रहीं। पिता विमल को सूचना दी गई है और पुणे से यहां आने के लिए रवाना हो चुके हैं। इस हृदय विदारक घटना को जानकर क्षेत्र का हर व्यक्ति गमगीन है।

उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार

स्थानीय लोगों ने बताया कि सभी बच्चे बेहद अच्छे स्वभाव के थे। जबसे वे पुणे से गांव आए थे तभी से लोगों से घुल मिल गए थे लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर रहा जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। लोगों ने कहा कि गांव के बच्चों को अंदाजा होता है कि किधर पानी ज्यादा हो सकता है। इन बच्चों को समझ नहीं आया और वे डूब गए।

घटना से प्रशासन में हड़कंप, पहुंचे एसडीएम

सुबह करीब आठ बजे की घटना का पता जैसे ही प्रशासन को लगा, महकमे में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी वहां के अधिकारियों से मामले की जानकारी लेते रहे क्योंकि पहले यह सूचना आई कि परिवार वालों ने तीनों को जल समाधि दी है। इसके बाद पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे व जांच पड़ताल की गई। शाम को एसडीएम सदर गौरव श्रीवास्तव ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी गई।

वर्जन

जिगना के दुगौली घाट पर नहाते समय तीन बालिकाओं की डूबने से मौत हुई है। शव को बरामद कर लिया गया लेकिन परिजन बगैर पोस्टमार्टम कराए ही शव को गंगा में प्रवाहित करा दिए।

-प्रकाश स्वरुप पांडेय अपर पुलिस अधीक्षक नगर

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