फोर्टिफाइड चावल से कुपोषण मुक्त बनेंगे विध्य क्षेत्र के नौनिहाल

जागरण संवाददाता मीरजापुर विध्य क्षेत्र के बच्चे अब कुपोषित नहीं रहेंगे। फोर्टिफाइड चावल

JagranSat, 18 Sep 2021 04:11 PM (IST)
फोर्टिफाइड चावल से कुपोषण मुक्त बनेंगे विध्य क्षेत्र के नौनिहाल

जागरण संवाददाता, मीरजापुर :

विध्य क्षेत्र के बच्चे अब कुपोषित नहीं रहेंगे। फोर्टिफाइड चावल से नौनिहाल स्वस्थ व सुपोषित बन सकेंगे। आंगनबाड़ी केंद्र व परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को अब फोर्टिफाइड चावल मिलेगा। बच्चों को कुपोषण मुक्त बनाने में फोर्टिफाइड चावल मील का पत्थर साबित होगा। सुविधा के लिए राइस मिल में ही एक्स्ट्रा एनर्जी विटामिन मिलाया जाएगा। कुपोषण रोकने को सरकार ने एमडीएम में फोर्टिफाइड (इक्स्ट्रा एनर्जी वाला) चावल बांटने का निर्णय लिया है।

प्रदेश के ज्यादातर जिलों में धान की पैदावार होती है। सरकार समर्थन मूल्य पर धान खरीद रही है, लेकिन एमडीएम में बांटने के लिए फोर्टिफाइड चावल दूसरे प्रदेशों से खरीदना पड़ता है। अब सरकार ने प्रदेश की राइस मिलों में ही फोर्टिफाइड चावल तैयार करने का निर्णय लिया है। राइस मिलों में ही चावल में एक्स्ट्रा एनर्जी वाली विटामिन मिलाने से बच्चों की सेहत के लिए फायदेमंद होता है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने बताया कि फोर्टिफाइड चावल के लिए राइस मिलों में एक अलग से ब्लेंडिग मशीन लगानी होगी। इससे मिल उच्चीकृत हो जाएगी। चावल में आयरन, जिक, फोलिक एसिड विटामिन्स आदि मिलाई जाएगी, जिसके बाद यह चावल फोर्टिफाइड हो जाएगा। बच्चे स्वस्थ बन सकेंगे।

क्या है फोर्टिफाइड चावल

फोर्टिफाइड चावल अर्थात पोषणयुक्त चावल। इसमें आयरन, विटामिन बी 12, फॉलिक एसिड जैसे पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं। भरपूर पोषक तत्व होने से फोर्टिफाइड राइस की न्यूट्रीशनल वैल्यू भी काफी ज्यादा होती है। इसका सेवन करने से कुपोषण का शिकार नहीं होंगे। फोर्टिफाइड राइस में जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व, विटामिन और खनिज की मात्रा को कृत्रिम तरीके से बढ़ाया जाता है।

फोर्टिफाइड चावल से लाभ

फोर्टिफाइड चावल से कम से कम जोखिम के साथ लोगों में कुपोषण को दूर कर सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा दी जा सकती है। चावल लोगों के खाने के साथ-साथ दवा की तरह भी काम कर सकता है। इसके सेवन से कुपोषण दूर करने में मदद मिलेगी। इसमें आयरन, जिक, फोलिक एसिड, विटामिन-ए, विटामिन-बी वगैरह शरीर की न्यूट्रीशनल वैल्यू बढ़ा देते हैं। बच्चों और महिलाओं के स्वस्थ विकास में मदद मिलेगी।

एक नजर

आंगनबाड़ी केंद्र : 2668

0-6 माह के बच्चे : 337171

गर्भवती व धात्री महिलाएं : 66186

कंपोजिट विद्यालय : 399

प्राथमिक विद्यालय : 1199

कस्तूरबा विद्यालय : 10

कुल विद्यालय : 1816

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