अभिभावक बच्चों को खुद तय करने दें अपनी भूमिका

अभिभावक बच्चों को खुद तय करने दें अपनी भूमिका

जागरण संवाददाता मीरजापुर जिला विज्ञान क्लब की ओर से आनलाइन विश्व रचनात्मकता एवं नवाचार ि

JagranThu, 22 Apr 2021 05:46 PM (IST)

जागरण संवाददाता, मीरजापुर : जिला विज्ञान क्लब की ओर से आनलाइन विश्व रचनात्मकता एवं नवाचार दिवस पर वर्कशाप आयोजित किया गया। इसमें जनपद के विभिन्न नवप्रवर्तन ने कोरोना काल में घर पर ही रहकर नवप्रवर्तन की जानकारियां साझा की।

साइकोलाजिस्ट सोमेश मिश्रा

ने कहा कि बच्चों को अपनी भूमिका खुद तय करने दें। बच्चों को सिर्फ सामान खरीदकर देने से अभिभावक की भूमिका खत्म नहीं होती। बच्चों को अधिक गाइड करते रहने से हम उनके रचनात्मकता के रास्ते को रोक सकते हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत जिला समन्वयक सुशील कुमार पांडेय ने की। बताया कि हर वर्ष 21 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से रचनात्मकता एवं नवाचार को समर्पित किया गया है। रचनात्मकता ही सबसे अनमोल निधि है, जिसके सहारे हम अपनी सतत् विकास की रफ्तार को बनाए रख सकते हैं। बच्चों के रचनात्मक विकास के लिए जरूरी है, अपने मन का काम करते समय उसे टोका ना जाए और ना ही गाइड किया जाए। टोका-टोकी और ज्यादा सुझाव उसकी कल्पना शक्ति को प्रभावित करता है। प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टीन ने कहा कि रचनात्मकता वह देखना है, जो हर कोई देख रहा है और वह सूचना है जो किसी ने नहीं सोचा है। जीव विज्ञानी गुलाब चंद तिवारी ने कहा कि बच्चों को कमेंट या सुझाव देना दोनों ही गड़बड़ है। बच्चे की बनाई चीजों पर कमेंट न करें और न ही उसे सुझाव दें। उर्मिका पांडेय ने कहा कि बच्चों के रचनात्मक के लिए शाबाशी टानिक है। हर्षित जायसवाल ने अपने आटोमेटिक इरिगेशन सिस्टम में नवप्रवर्तन के बारे में जानकारी दी। नीरज विश्वकर्मा, अथर्व त्रिवेदी, यथार्थ पांडेय, रोहित मौर्य, प्रिस कुमार, संध्या कुमारी, विनायक मिश्रा रचनात्मक एवं नवप्रवर्तन के बारे में जानकारी दी।

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