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पुलिस उपाधीक्षक बलिया के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी

जागरण संवाददाता, मीरजापुर : जज फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम जितेंद्र मिश्रा ने दहेज हत्या के मामले में कई बार से गवाही देने नहीं आ रहे विवेचक पुलिस उपाधीक्षक बलिया केपी सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक लखनऊ को आदेशित किया है कि बलिया के सीओ को गिरफ्तार कर तीन फरवरी 2020 तक कोर्ट में पेश किया जाए। साथ ही जब तक उनकी गवाही पूर्ण नहीं हो जाती है, तब तक उनका वेतन रोक दिया जाए।

अभियोजन के अनुसार मड़िहान के वादी अशोक कुमार ने अपनी बहन की शादी मड़िहान थाना क्षेत्र के मड़िहान निवासी आरोपित सुशील के साथ घटना से सात वर्ष पूर्व किया था। आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर ससुरालियों ने पांच दिसंबर 2017 को विवाहिता की गला दबाकर हत्या कर दिया था। जिसका मुकदमा न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट में विचाराधीन है जिसमें अब तक चार गवाही हो चुकी है। लेकिन घटना के मामले में विवेचक रहे सीओ बलिया केपी सिंह की गवाही नहीं हो पाई है। इसके लिए उन्हें बार-बार न्यायालय में गवाही देने के लिए पत्र भेजकर बुलाया जा रहा है। बावजूद इसके वे गवाही देने नहीं आ रहे हैं। कई बार बुलाने के बावजूद कोर्ट नहीं आ रहे विवेचक की लापरवाही देख न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। साथ ही पुलिस महानिदेशक को आदेशित किया कि सीओ बलिया के पद पर तैनात केपी सिंह को गिरफ्तार करके तीन फरवरी तक न्यायालय में पेश करें। इसके साथ ही जब तक उनकी गवाही नहीं हो जाती है तब तक उनके वेतन का भुगतान नहीं किया जाए।

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