Young Achievers: बड़े भाई को देख दंगल में दांव लगाने उतरीं मेरठ की रजनी, जानें इनकी उपलब्धियां

Wrestler rajni रजनी ने पहला अंतरराष्ट्रीय पदक साल 2009 में जालंधर में जीता था।

देशभर में पदक जीतने वाली मेरठ की रजनी के प्रेरणास्त्रोत उनके बड़े भाई बने। रजनी ताऊजी के बेटे शक्ति सिंह को कुश्ती लड़ते देखा करती थी। उन्हीं से मिली प्रेरणा ने रजनी को प्रेरित किया तो साल 2003 में कक्षा 10वीं में पढ़ाई के दौरान ही कुश्ती करने निकल पड़ी।

Publish Date:Sat, 05 Dec 2020 09:00 AM (IST) Author: Prem Bhatt

मेरठ, [अमित तिवारी]। Young Achievers जीवन में आगे बढ़ने के लिए एक प्रेरणास्त्रोत ही काफी है। चो. चरण सिंह विवि के रुस्तम-ए-जमा दारा सिंह कुश्ती स्टेडियम से देश भर में पदक जीतने वाली मेरठ की रजनी के प्रेरणास्त्रोत उनके बड़े भाई बने। रजनी ताऊजी के बेटे शक्ति सिंह को कुश्ती लड़ते देखा करती थी। उन्हीं से मिली प्रेरणा ने रजनी को प्रेरित किया तो साल 2003 में कक्षा 10वीं में पढ़ाई के दौरान ही कुश्ती करने निकल पड़ी। पहलवानी के साथ पढ़ाई का तालमेल बिठाते हुए रजनी ने प्रतियोगिता दर प्रतियोगिता पदकों की संख्या भी बढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों में भी अपना स्तर बनाए रखा।

अगले नेशनल की तैयारी कर रहीं रजनी

कोविड के दौरान कोई प्रतियोगिता नहीं हुई लेकिन अपनी ट्रेनिंग को जारी रखते हुए रजनी कोविड के बाद होने वाली राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता की तैयारी में जुट गई हैं। मेरठ में फूलबाग कालोनी में रहने वाली रजनी किसान परिवार से हैं। उनके पिता जयवीर सिंह किसान हैं। वह चार बहनों में दूसरे नंबर पर हैं। छोटे भाई अब लेना में लेफ्टिनेंट बन चुके हैं। दो बहनें शिक्षिका हैं। रजनी का पूरा फोकस कोच डा. जबर सिंह सोम के मार्गदर्शन में नेशनल की तैयारी पर ही है।

साल 2009 में जीता पहला अंतरराष्ट्रीय पदक

रजनी ने पहला अंतरराष्ट्रीय पदक साल 2009 में जालंधर में हुई सीनियर कामनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। जबकि पहला राष्ट्रीय पदक स्वर्ण जीता। यह पदक उन्होंने साल 2004 में ही महिला राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता हिरन कुडना में जीता थी। इसके बाद 2007 में श्रीनगर जूनियर चैंपियनशिप में रजत पदक,, उसी साल उदयपुर सीनियर महिला नेशनल में कांस्य, गुवाहाटी 33वें नेशनल गेम्स में कांस्य, 2008 में पुरी जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य, गोंडा सीनियर नेशनल 2008 में कांस्य, भोपाल सीनियर नेशनल 2009 में कांस्य, रांची सीनियर नेशनल 2010 में कांस्य और रांची 34वें नेशनल गेम्स में कांस्य पदक जीता। नवाब गंज में हुई सीनियर नेशनल 2011 में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद 2012 व 2013 में रजत और 2014, 2015, 2016 और 2018 में कांस्य पदक जीता। 2015 35वें नेशनल गेम्स में रजत पदक झटका।

यूनिवर्सिटी गेम्स में भी जीते लगातार पदक

रजनी ने आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी की प्रतियोगिताओं में 2006 में रजत, 2007 में कांस्य, 2008 में रजत, 2009 में स्वर्ण, 2010 में रजत, 2011 में कांस्य और 2012 में स्वर्ण पदक जीता। साल 2009 में रजनी भारत केसरी में दूसरे स्थान पर रहीं और साल 2011 में उत्तर प्रदेश केसरी में प्रथम स्थान पर रहीं।

यह हैं रजनी की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां

- सीनिसयर कामनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप 2009, जालंधर : रजत पदक

- इनविटेशनल रेसलिंग टूर्नामेंट 2010, हबाना क्यूबा : कांस्य पदक

- शहीद भगत सिंह रेसलिंग टूर्नामेंट 2011, जालंधर : कांस्य पदक

- सीनियर कामनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप 2013, दक्षिण अफ्रीका : कांस्य पदक

-12वां साउथ एशियन गेम्स 2016, गुवाहाटी : स्वर्ण पदक

- 46वां यसर डोगू टूर्नामेंट 2018 टर्की : रजत पदक

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.