मेरठ में बोलीं मीनाक्षी लेखी -भारतीय इतिहास ने महिला और पुरुष में नहीं किया कोई भेद

मेरठ में अरुणोदय संस्था की ओर से 31 महिलाओं को सम्मानित किया गया।

भाजपा की सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि आज सभी क्षेत्रों में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। मेरठ 1857 की क्रांति के लिए जाना जाता है। इस पहली क्रांति में भी रानी लक्ष्मीबाई जैसी महिलाएं आगे बढ़ी थीं।

PREM DUTT BHATTTue, 02 Mar 2021 03:47 PM (IST)

 मेरठ, जेएनएन। दिल्ली से भाजपा की सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि भारतीय इतिहास में महिला और पुरुष को लेकर कोई भी भेद नहीं रहा है। जो भेद हुआ वह बाद में आया है। उक्‍त विचार उन्‍होंने मंगलवार को अरुणोदय संस्था की ओर से दीवान पब्लिक स्कूल वेस्ट एंड रोड पर आयोजित कार्यक्रम में व्‍यक्‍त किए। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों की 31 महिलाओं को सम्मानित किया गया।

सांसद ने कहा कि आज कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जिसमें महिलाएं आगे नहीं बढ़ रही हों। उन्हें जो जिम्मेदारी मिल रही है वह सफलतापूर्वक कर रही हैं। मेरठ 1857 की क्रांति के लिए जाना जाता है। इस पहली क्रांति में भी रानी लक्ष्मीबाई जैसे महिलाएं आगे बढ़ी थी। समाज में महिलाएं मजबूत स्थिति में रहीं हैं। शक्ति के जितने भी शब्द हैं वह स्त्रीलिंग ही हैं। इससे पता चलता है की महिलाओं को लेकर यह समाज कभी भी भेदभाव नहीं किया है। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य कांता कर्दम ने पुरस्कृत महिलाओं को बधाई दी। इस अवसर पर ईश्वर चंद्र गंभीर ने नारी शक्ति को समर्पित कविता भी सुनाई। कार्यक्रम में एमपीएस ग्रुप के डायरेक्टर केतकी शास्त्री, आरटीओ श्वेता वर्मा, एनसीआर मेडिकल कालेज की सीईओ डॉ. हिमानी अग्रवाल, अर्जुन अवार्डी अलका तोमर, रितु दीवान, डाक्टर ममतेश गुप्ता, अंतरराष्ट्रीय शूटर अनु तोमर, पंकज शर्मा, डाक्टर लता कुमार सहित अन्य महिलाएं सम्मानित हुईं। संस्था की अध्यक्ष अनुभूति चौहान ने सभी का स्वागत किया।

 

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