टीम पहुंची तो कोठों पर लगे मिले ताले, अंदर बंद थीं महिलाएं

जासं, मेरठ : शहर का रेड लाइट एरिया पुलिस-प्रशासनिक अफसरों की फजीहत कराता नजर आ रहा है। देह व्यापार पर रिपोर्ट के साथ डीएम और एसएसपी को 23 अप्रैल को हाईकोर्ट ने तलब किया है। शनिवार को कबाड़ी बाजार में पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की संयुक्त टीम सर्वे के लिए पहुंची। इसकी सूचना लीक हो गई और सभी कोठों पर बाहर से ताले लगे मिले। वहीं, अंदर बंद महिलाएं और युवतियां खिड़कियों से झांक रही थीं। कोठों पर ताले लगे देख अफसर लौट आए। उन्होंने फिर दावा किया कि मेरठ में देह व्यापार नहीं होता।

डीएम अनिल ढींगरा व एसएसपी नितिन तिवारी के निर्देश पर एसीएम तृतीय सुनीता सिंह, जिला उद्धार अधिकारी, डीपीओ व एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक ब्रिजेश कुमार आदि अधिकारी दल-बल के साथ कबाड़ी बाजार पहुंचे थे।

सिर्फ खानापूरी

अधिकारियों ने छापामारी के नाम पर सिर्फ खानापूरी की। उन्होंने पूर्व में चिह्नित किए कोठे का भी रुख किया, लेकिन वहां भी ताले लगे थे। इसके बाद अधिकारी चौकी इंचार्ज व बीट पुलिसकर्मियों को हिदायत देकर लौट गए कि यदि अनैतिक कार्य होता है तो इसकी सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दें।

अधिकारी बने रहे अनजान

इस दौरान कुछ महिलाएं खिड़कियों से झांकती रहीं, जबकि कुछ कोठों के अंदर ही थीं। इसके बावजूद अधिकारी अनजान बने रहे। कोठों पर ताले देखकर दावा करते रहे कि कबाड़ी बाजार में देह व्यापार नहीं होता। छापामारी की रिपोर्ट डीएम व एसएसपी को भी दी गई।

इस रिपोर्ट ने किया था राजफाश

प्रयागराज के थाना करेली अंतर्गत भावापुर निवासी समाजसेवी सुनील चौधरी ने बताया कि मेरठ के रेड लाइट एरिया को बंद कराने के लिए उन्होंने जिम्मा उठाया है। उन्होंने आइजीआरएस पोर्टल से रिपोर्ट प्राप्त की जिसमें जिला क्षय रोग अधिकारी द्वारा बताया गया है कि मेरठ में 75 कोठों पर अप्रैल, मई व जून 2018 में 20 हजार से ज्यादा कंडोम बांटे गए हैं। यहां 400 महिलाएं रहती हैं। वर्तमान में छह एचआइवी पॉजिटिव हैं। तीन साल में सात की मौत हो चुकी है, जिनमें एक की मौत ग्राहक ने गोली मारकर कर दी, जबकि एक की एचआइवी के कारण मृत्यु हुई। 2009 से लगातार यहां कंडोम का वितरण किया जा रहा है।

हाईकोर्ट में यह लगाई गई है याचिका

इस रिपोर्ट के आधार पर पांच माह पूर्व सुनील चौधरी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की। उन्होंने गुहार लगाई कि मेरठ के कबाड़ी बाजार में मानव तस्करी के अड्डे और अनैतिक व्यापार बंद कराया जाए। अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 की धारा-16 के तहत महिलाओं को मुक्त कराया जाए। धारा-18 के तहत कोठों को सील कराया जाए।

यह दिया था अधिकारियों ने जवाब

जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जिला प्रशासन से जवाब मांगा था। अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि यह रिपोर्ट निराधार है और यहां अब कोई भी कोठा नहीं है। इस पर न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल व न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने आदेश किया है कि 23 अप्रैल को डीएम, एसएसपी व सीएमओ हाईकोर्ट में रिपोर्ट के साथ पेश हों। शनिवार को की गई कार्रवाई के साथ तीनों अधिकारी हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। इन्होंने कहा-

हाईकोर्ट ने जो रिपोर्ट मांगी है वह पेश की जाएगी। सर्वे करने के लिए कबाड़ी बाजार में टीम गई थी, जहां कोठों पर ताले लगे मिले।

-नितिन तिवारी, एसएसपी

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