बागपत की मलकपुर मिल की दो लाख कुंतल चीनी सील, बिकेगी तो किसानों को होगा भुगतान

बागपत की मलकपुर मिल प्रबंधन को किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं करना महंगा पड़ गया। बकाया भुगतान नहीं करने पर गन्ना विभाग ने लाख कुंतल चीनी सील कर दी। चीनी बेचकर दिलाया जाएगा किसानों का पैसा ।

Taruna TayalWed, 08 Dec 2021 09:58 PM (IST)
मलकपुर मिल की दो लाख कुंतल चीनी सील।

बागपत, जेएनएन। मलकपुर मिल प्रबंधन को किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं करना महंगा पड़ गया। गन्ना विभाग ने मिल के दो अधिकारियों पर एफआइआर के बाद दो लाख कुंतल चीनी कब्जे में लेकर गोदाम सील करा दिया। गन्ना विभाग तथा प्रशासन की निगरानी में चीनी बेचकर किसानों का भुगतान कराया जाएगा। उधर, जिला गन्ना अधिकारी के मुताबिक, मिल प्रबंधन ने जल्द ही 50 करोड़ रुपये भुगतान कराने का आश्वासन दिया है।

मलकपुर चीनी मिल पर हजारों किसानों का पिछली साल का 240 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान बकाया है। प्रशासन और गन्ना विभाग की बार-बार चेतावनी के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गन्ना मंत्री सुरेश राणा व गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी बकाया गन्ना भुगतान को लेकर सख्त रुख अपना रहे हैं। पांच दिसंबर को मलकपुर चीनी मिल अध्याशी व मुख्य वित्त अधिकारी के विरुद्ध बड़ौत कोतवाली में एफआइआर भी दर्ज हुई थी।

जिला गन्ना अधिकारी डा. अनिल कुमार भारती ने बताया कि मिल के गोदाम में करीब दो लाख कुंतल चीनी हैं, जिसे कब्जे में लेकर गोदाम सील कर दिया है। गोदाम की निगरानी के लिए गन्ना विभाग कर्मी लगाए हंै। सील की गई चीनी में 37 हजार कुंतल पिछले साल की है।

चीनी बेची, नहीं किया भुगतान

जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि मिल प्रबंधन ने 3.20 करोड़ रुपये की चीनी बेच दी, लेकिन इस पैसे से गन्ना भुगतान नहीं किया। टैगिंग आदेश का उल्लंघन करने के कारण गोदाम में रखी चीनी कब्जे में लेनी पड़ी है।

मिल अधिकारी ने लगाई गुहार

मलकपुर मिल के अधिकारी वीके जैन ने बुधवार को जिला गन्ना अधिकारी से कहा, यदि चीनी नहीं बेचेंगे तो गन्ना भुगतान कैसे करेंगे। इसके लिए गोदाम को कब्जामुक्त कर चीनी बिक्री की अनुमति दी जाए। बेची जाने वाली चीनी का पैसा चौथे दिन गन्ना भुगतान में देंगे।

 

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