आयुष्मान भारत योजना लांच पर इलाज अभी आसान नहीं

मेरठ: आयुष्मान भारत योजना रविवार को लांच कर दी गई, जिसके तहत योजना में चयनित परिवारों को पांच लाख तक मुफ्त इलाज मिलेगा। मेडिकल कालेज के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने योजना को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षा योजना बताते हुए दावा किया कि यह इलाज के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा सुधार है। दुनिया के तमाम देश इसे अपने यहां लागू करने की मंशा जता चुके हैं। उधर, पीएम मोदी ने रांची में योजना लांच की, जिसे बड़ी स्क्रीन पर मेडिकल में दिखाया गया। कार्यक्रम के दौरान ही आशा कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। वहीं मोदी का भाषण शुरू हुए बगैर ही मुख्य अतिथि हरदीप पुरी भी कार्यक्रम स्थल से चले गए।

प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने की। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना गरीबों के लिए इलाज की दिशा में एक क्रांति है। नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के तहत वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर चयनित परिवार को पांच लाख का नि:शुल्क इलाज मिलेगा। इसके लिए मेरठ के छह सरकारी समेत 25 अस्पतालों ने सरकार के साथ एमओयू कर लिया है। संचालन करते हुए जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने कहा कि यह योजना हर जरूरी एवं चयनित व्यक्ति तक सटीक तरीके से पहुंचेगी। उन्होंने सरकार की अन्य तमाम योजनाओं का भी जिक्र किया। राज्यसभा सदस्य विजयपाल तोमर, विधायक सत्यवीर त्यागी, एमएलसी डा. सरोजिनी अग्रवाल, प्राचार्य डा. आरसी गुप्ता, जिला अस्पताल के सीएमएस डा. पीके बंसल, एसीएमओ डा. पूजा शर्मा, भाजपा नेता संजीव सिक्का और करुणेशनंदन गर्ग समेत कई अन्य शामिल थे।

ये होगा खास

-हर परिवार को पांच लाख रुपए तक कैशलेस इलाज कवर

-सम्बद्ध अस्पतालों में आरोग्य मित्र तैनात किए जाएंगे

-इसमें परिवार में लिंग एवं सदस्य संख्या की कोई बाध्यता नहीं होगी

-पूर्व की बीमारियां भी कवर होंगी

-कैंसर एवं हार्ट समेत 1350 प्रकार की बीमारियों का इलाज

-दवा के साथ सभी प्रकार की जांचें भी फ्री होंगी

-मरीज किसी भी राज्य के सम्बद्ध अस्पतालों में इलाज ले सकेगा

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..पर आसान नहीं इलाज की डगर

मेरठ में छह केंद्रों मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल, सरधना, मवाना एवं दौराना स्वास्थ्य केंद्रों को गोल्ड कार्ड देने के लिए अधिकृत किया गया है। किंतु अभी गोल्ड कार्ड नहीं बनेगा। मरीज को पहली बार किसी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाना होगा। जहां उसे एक विशेष नंबर आवंटित होगा। इसी के आधार पर वह स्कीम से सम्बद्ध 25 अस्पतालों में इलाज करवा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि पहले चरण में मरीजों को कठिनाई होगी। छह केंद्रों पर भारी भीड़ उमड़ने की आशंका है, जिसको लेकर खास तैयारी नहीं है।

-फिलहाल मरीज को अपने साथ आधार कार्ड रखना होगा। स्वास्थ्य केंद्र पर उसका बायोमीट्रिक रिकार्ड चेक होगा, जिसके बाद ही इलाज की प्रक्रिया शुरू होगी।

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