मार्मिक अपील : आपके पास आक्सीजन सिलेंडर हैं तो लौटा दें.. मरीजों को दें जिंदगी

ऑक्‍सीजन के लिए लोगों से मार्मिक अपील ।

अगर आपके पास आक्सीजन सिलेंडर रखा है तो इसे प्रशासन के हवाले कर दीजिए। इससे कोरोना मरीजों को नई जिंदगी मिल जाएगी। एडीएम वित्त सुभाष प्रजापति ने आइआइए बागपत रोड इंडस्टियल एरिया एवं अन्य औद्योगिक संगठनों ने एक बैठक के दौरान अपील की है।

Himanshu DwivediWed, 21 Apr 2021 09:52 AM (IST)

मेरठ, जेएनएन। अगर आपके पास आक्सीजन सिलेंडर रखा है तो इसे प्रशासन के हवाले कर दीजिए। इससे कोरोना मरीजों को नई जिंदगी मिल जाएगी। एडीएम वित्त सुभाष प्रजापति ने आइआइए, बागपत रोड इंडस्टियल एरिया एवं अन्य औद्योगिक संगठनों के अलावा कृषि उपकरण निर्माताओं संग बैठक कर लोगों से अपील की है। सप्ताहभर के अंदर दो सौ सिलेंडर जिला उद्योग केंद्र में जमा करने का लक्ष्य है। इससे दो अस्पतालों में आक्सीजन आपूर्ति पूरी की जा सकेगी।

जिलाधिकारी के. बालाजी आक्सीजन गैस आपूर्तिकर्ताओं से कई बार वार्ता कर चुके हैं। गाजियाबाद, नोएडा और मोदीनगर से आक्सीजन नहीं मिल पा रही है, ऐसे में मेरठ में रुड़की से गैस मंगानी पड़ रही है। अस्पतालों में रोजाना महज तीन हजार आक्सीजन सिलेंडर पहुंच रहे हैं, जबकि रोजाना चार हजार सिलेंडर की मांग हो चुकी है। सैकड़ों मरीजों की जिंदगी कृत्रिम आक्सीजन पर टिक गई है। ऐसे में उद्यमियों ने बड़ा कदम उठाया है। जिला उद्योग केंद्र में हुई बैठक में तय किया गया कि वैल्डिंग वर्क करने व घरों व उद्योगों में प्रयोग करने वालों को सिलेंडर वापस करते हुए मानवता की सेवा में अहम कदम बढ़ाना होगा। आक्सीजन स्टोरेज प्लांटों को बनाने एवं वितरण प्रणाली में भी मदद के लिए भरोसा दिया गया।

आक्सीजन का इस्तेमाल न करें

लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों ने उद्यमियों से अपील करते हुए कहा है कि यदि उनके उद्योग में आक्सीजन का इस्तेमाल होता है तो उसे स्थगित कर दें। निवेदन किया है कि मानवता के तौर पर उसका इस्तेमाल जिंदगी बचाने में हो तो बेहतर होगा। जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा, महानगर अध्यक्ष पंकज कुमार जैन व महामंत्री संदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि जिन उद्यमियों के पास खाली या आक्सीजन से भरे सिलेंडर उपलब्ध हों, वह जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दें।

मेरठ: कोरोना मरीजों की संख्या बेतहाशा बढ़ने के साथ ही आक्सीजन का संख्या गहरा गया है। मंडल के सभी जिलों में मांग के सापेक्ष आपूíत कम है। आक्सीजन स्टोरेज प्लांटों को लिक्विड आक्सीजन नहीं मिल पा रही है, ऐसे में गैस नहीं बन पा रही है। मेडिकल कालेज में दूसरा प्लांट तेजी से लगाया जा रहा है। जिले में रोजाना चार हजार सिलेंडरों की खपत है। घरों में लोग आक्सीजन सिलेंडर जमा कर रहे हैं। उधर, प्रशासन आक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए एक्शन में है।

जिला     आक्सीजन की जरूरत        उपलब्ध्ता

मेरठ        22190.15 घनमी           19455 घनमी

गाजियाबाद       42725 घनमी           27650 घनमी

गौतमबुद्धनगर       30063.6 घनमी       64631घनमी

बुलंदशहर            868 घनमी               1885घनमी

बागपत               350घनमी                 126घनमी

यह मेडिकल इमरजेंसी जैसे हालात हैं, जिसमें उद्यमी मानवता की सेवा में आगे रहेंगे। प्रशासन के साथ बैठक में जिले में खाली पड़े सिलेंडरों को वापस कर उसे भरने की प्रक्रिया पर चर्चा की गई। कोविड केंद्र बढ़ाए जा रहे हैं, ऐसे में आक्सीजन आपूर्ति भी ज्याद करनी होगी। हम दो सौ सिलेंडरों को वापस करने का लक्ष्य हासिल करेंगे।

कमल ठाकुर, उद्यमी व पदाधिकारी संयुक्त व्यापार संघ 

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