मेरठ में रेलवे लाइन पर वर्षों पहले बने इस पुल का अब मिलेगा लाभ, सेतु निगम ने उठाया कदम

मेरठ में जुर्रानपुर फाटक के पास रेलवे लाइन पर वर्षों पहले पुल बना था। जिस रिंग रोड के लिए वह बना था वह प्रोजेक्ट हवा-हवाई ही रह गया। लेकिन अब सेतु निगम आगे आया है। निगम का प्रस्ताव रिंग रोड से उलट है।

Parveen VashishtaPublish:Mon, 29 Nov 2021 07:00 AM (IST) Updated:Mon, 29 Nov 2021 07:00 AM (IST)
मेरठ में रेलवे लाइन पर वर्षों पहले बने इस पुल का अब मिलेगा लाभ, सेतु निगम ने उठाया कदम
मेरठ में रेलवे लाइन पर वर्षों पहले बने इस पुल का अब मिलेगा लाभ, सेतु निगम ने उठाया कदम

मेरठ, जागरण संवाददाता। जुर्रानपुर फाटक के पास रेलवे लाइन पर वर्षों पहले बना पुल यूं ही हवा में लटका हुआ है। जिस रिंग रोड के लिए वह बना था वह प्रोजेक्ट हवा-हवाई ही रह गया। जनप्रतिनिधियों से लेकर अफसरों तक ने इधर-उधर खूब प्रस्ताव दौड़ाए लेकिन यहां की ङ्क्षरग रोड नहीं बन पाई।

सभी विभागों के हाथ खड़े करने पर आगे आया सेतु निगम

सभी विभागों ने हाथ खड़े कर दिए हैं तो अब सेतु निगम आगे आया है, लेकिन सेतु निगम का प्रस्ताव रिंग रोड से उलट है। सेतु निगम सिर्फ यह प्रस्ताव बना रहा है ताकि इस रेलवे पुल का उपयोग हो सके। इसके लिए सेतु निगम टीम गठित करके सर्वे करा रहा है। इस प्रस्ताव के तहत सेतु निगम सिर्फ यह करेगा कि इस पुल के उपयोग के लिए बिजली बंबा बाइपास से ही एक सड़क जुर्रानपुर रेलवे ओवरब्रिज जाएगी फिर दूसरी तरह यही सड़क घूम कर बिजली बंबा बाइपास में आकर मिल जाएगी। एक तरह से यह बिजली बंबा बाइपास का रेलवे ओवरब्रिज हो जाएगा। इससे फायदा यह होगा कि जुर्रानपुर फाटक पर जो जाम लगता है उसकी समस्या खत्म हो जाएगी और दूसरा फायदा यह होगा कि उस पुल का उपयोग हो जाएगा। रिंग रोड जिस वजह से फंस गई है वह गलती को सेतु निगम नहीं दोहराना चाहता।

दरअसल, रिंग रोड का जब 2011 में प्लान बना था तब जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एमडीए की थी, लेकिन एमडीए ने जमीन अधिग्रहण नहीं की। जमीन न होने से पुल का एप्रोच रोड व बाकी सड़क नहीं बन सकी। सेतु निगम जो अपने स्तर से प्रस्ताव भेजने जा रहा है इसमें सेतु निगम के ही प्रस्ताव में भूमि अधिग्रहण व सड़क निर्माण की लागत शामिल होगी।

सेतु निगम का पुराना प्रस्ताव हो जाएगा रद

2011 में बनी रिंग रोड की योजना अंतर्गत सेतु निगम को फ्लाईओवर व पुल समेत चार स्ट्रक्चर बनाने थे, जिसके लिए सेतु निगम ने प्रस्ताव शासन को भेजा था। मगर जब सेतु निगम को जमीन ही नहीं दी गई तो शासन से उस स्ट्रक्चर के लिए धनराशि रोक कर रखी गई। अब जब एनएचएआइ तक ने हाथ खींच लिए तो सेतु निगम ने उस समय के प्रस्ताव को रद करने का आवेदन शासन को भेज दिया।

इन्होंने कहा...

जुर्रानपुर रेलवे ओवरब्रिज के उपयोग के लिए प्रस्ताव शासन को भेजेंगे। टीम सर्वे कर रही है। ओवरब्रिज के उपयोग के लिए एप्रोच रोड व बाकी सड़क बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण करना पड़ेगा, इसलिए इस प्रस्ताव में इसकी लागत भी शामिल रहेगी।

-केवी सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम।