सिपाही का शिक्षक भाई है गिरोह का सरगना

यूपीटीईटी का पेपर लीक करने वाले गिरोह का सरगना प्राथमिक स्कूल का शिक्षक निर्दोष है। निर्दोष का भाई उपदेश यूपी पुलिस में सिपाही है। पेपर आउट होने के बाद से दोनों भाई फरार हैं। एसटीएफ दोनों भाइयों के अलावा शिक्षक के एक अन्य साथी की तलाश में लगी है।

JagranThu, 02 Dec 2021 09:06 AM (IST)
सिपाही का शिक्षक भाई है गिरोह का सरगना

मेरठ, जेएनएन। यूपीटीईटी का पेपर लीक करने वाले गिरोह का सरगना प्राथमिक स्कूल का शिक्षक निर्दोष है। निर्दोष का भाई उपदेश यूपी पुलिस में सिपाही है। पेपर आउट होने के बाद से दोनों भाई फरार हैं। एसटीएफ दोनों भाइयों के अलावा शिक्षक के एक अन्य साथी की तलाश में लगी है।

एसटीएफ की टीम ने अलीगढ़ जिले के हजियापुर टप्पल निवासी गौरव मलान की गिरफ्तारी के बाद साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) का पेपर लीक कराने वाला सरगना अलीगढ़ के गोंडा गांव का निर्दोष है। निर्दोष अलीगढ़ के प्राथमिक स्कूल में शिक्षक है। निर्दोष का भाई उपदेश चौधरी यूपी पुलिस में सिपाही है और वर्तमान में आगरा में तैनात है। माना जा रहा है दोनों भाई सेटिंग से ही सरकारी नौकरी पाए हैं। दोनों के खिलाफ जाच बैठा दी गई है। पेपर आउट करने का मुख्य आरोपित भी निर्दोष और उसके साथी विष्णु को बताया गया है। सीओ ब्रिजेश सिंह ने बताया कि गौरव मलान ने अलीगढ़ से पढ़ाई की है। पढ़ाई के दौरान उपदेश से उसकी दोस्ती हुई थी। उपदेश ने ही उसे निर्दोष से मिलवाया था। निर्दोष ने गौरव मलान को पाच लाख में पेपर दिया था। रकम गौरव मलान ने निर्दोष के साथी विष्णु को दी थी। निर्दोष से पेपर लेने के बाद गौरव मलान ने रवि, धर्मेद्र, बबलू और मोनू को दो-दो लाख में पेपर बेच दिया था। जांच में पता चला है कि प्रिटिंग प्रेस या पैकेजिंग करने वाले लोगों से आरोपितों ने पेपर खरीदा था। सच्चाई का पता निर्दोष, उपदेश और विष्णु की गिरफ्तारी के बाद चलेगा। उपदेश के गैरहाजिर चलने पर भी विभागीय कार्रवाई की जा रही है।

प्रिटिंग प्रेस तक कैसे पहुंचा निर्दोष

निर्दोष ने प्रिटिंग प्रेस या पैकेजिंग करने वालों से पेपर हासिल किया है। सवाल है कि आखिर निर्दोष प्रिटिंग प्रेस तक कैसे पहुंचा? उसे पेपर छपाई करने वाले प्रिटिंग प्रेस की जानकारी कैसे मिली? इस पूरे प्रकरण में विभाग की भी मिलीभगत सामने आ सकती है। अभी तक एसटीएफ अभ्यर्थियों तक पेपर पहुंचाने वालों को ही पकड़ पाई है। पेपर बाहर निकालने का रास्ता दिखाने वाले अभी एसटीएफ की गिरफ्त से दूर हैं। सवाल है कि क्या एसटीएफ पेपर निकालने में अहम भूमिका निभाने वाले अफसरों तक भी पहुंच पाएगी। उधर, एसटीएफ दावा कर रही है कि एक के बाद एक कड़ी जोड़ी जा रही है।

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