आधी आबादी की मेहनत से महक रही देश की राजधानी भी

खरखौदा के पीपलीखेड़ा की महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह बनाकर लीज पर जमीन लेकर फूलों की खेती हर रही है।

JagranFri, 22 Oct 2021 10:24 PM (IST)
आधी आबादी की मेहनत से महक रही देश की राजधानी भी

मेरठ, जेएनएन। खरखौदा के पीपलीखेड़ा की महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह बनाकर लीज पर जमीन लेकर फूलों की खेती हर रही है। महिलाओं की मेहनत से उगे गुलदाउदी, गलईडोला और गेंदे के फूलों की खुशबू दिल्ली तक पहुंच रही है। शुक्रवार को एसडीएम शिवेन्द्र कुमार वर्मा ने खेत में पहुंचकर निरीक्षण किया और महिलाओं की प्रंशसा की। महिलाओं की इस मिसाल से दस परिवारों का पालन पोषण हो रहा है।

पीपलीखेड़ा गांव की दस महिलाओं ने मिलकर लक्ष्मी नाम रखकर एक समूह बनाया। महिलाओं की मदद और उन्हें राश्ता दिखाने का काम सचिव सुनील कुमार ने किया। तीन साल पहले महिलाओं ने बारह बीघा जमीन लीज पर लेकर उसमें फूलों की खेती करनी शुरू कर दी। महिलाओं ने गुलदाउदी, गलाईडोला और गेंदे की खेती करनी आरंभ कर दी। इन फूलों की मांग आसपास के शहरों के साथ साथ दिल्ली में काफी है। आर्डर मिलने पर फूल दिल्ली भेजे जा रहे हैं। महिलाओं की मेहनत से उगे फूलों की महक दिल्ली तक पहुंच रही है। साथ ही परिवारों का पालन पोषण हिो रहा है। समूह में कोमल, अमरेश, ज्योति, फूलवती, रीना, सलमा, भूरी, सत्यवती और पुष्पा देवी है।

मिल रही सरकार और बैंक से मदद

एसडीएम शिवेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि पंद्रह हजार रुपये की मदद समूह बनने पर दी गई थी। उसके बाद समूह को एक लाख रुपये की मदद सीआइएफ योजना के तहत दी दी गई थी। काम बढ़ने पर समूह को गांव में कैनरा बैंक की शाखा से एक लाख रूपये की मदद की गई है।

पीपलीखेड़ा गांव की महिलाओं ने समूह बनाकर मेहनत करके एक मिसाल कायम की है। मेहनत से खेती करके गांव के साथ साथ ब्लाक का नाम दिल्ली तक किया है। अन्य गांवों में चल रहे समूह की महिलाओं को आगे आकर इसी तरह का काम करना चाहिए। इससे लोगों के सपे साकार होगे और रोजगार मिलेगा।

शिवेन्द्र कुमार वर्मा, एसडीएम, प्रभारी खंड विकास अधिकारी खरखौदा

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.