सहारनपुर में प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी करने वाले को अदालत से राहत नहीं

सहारनपुर में भाजपा महानगर महामंत्री शीतल विश्नोई ने आठ अगस्त 2021 को दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि चरणप्रीत सिंह छाबड़ा निवासी गुरु नानक बायज इंटर कालेज अम्बाला रोड पिछले कई दिनों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति अभद्र टिप्पणी इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर रहा है।

Taruna TayalSat, 25 Sep 2021 10:56 PM (IST)
सहारनपुर में प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोपित

सहारनपुर, जागरण संवाददाता। फेसबुक पर प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के आरोपित की अग्रिम जमानत याचिका को सत्र न्यायाधीश अश्विनी त्रिपाठी की अदालत ने पर्याप्त आधार न मानते हुए शुक्रवार को निरस्त कर दिया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने विरोध किया था।

यह है मामला

भाजपा महानगर महामंत्री शीतल विश्नोई ने आठ अगस्त 2021 को थाना सदर बाजार में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि चरणप्रीत सिंह छाबड़ा पुत्र जोगेन्द्र सिंह निवासी गुरु नानक बायज इंटर कालेज, अम्बाला रोड पिछले कई दिनों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति अभद्र टिप्पणी इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर रहा है। वह कभी अपने को आम आदमी पार्टी, कभी समाजवादी पार्टी, कभी कांग्रेस और कभी किसान यूनियन (बेदी) आदि से जुड़ा बताता है। चरणप्रीत के इस आचरण से समाज में विद्वेष फैल रहा है। उधर, चरणप्रीत ने कहा है कि वह पहले भाजपा में था। उसे वापस लाने के लिए ये दबाव बनाया जा रहा है। उसने कोई अमर्यादित टिप्पणी नहीं की। विवेचक ने बताया कि आरोपित विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा है।

रिश्वत लेने के आरोपित की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज

मेरठ, जागरण संवाददाता। न्यायालय विशेष न्यायाधीश/भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या-2 पीएन पांडेय ने भ्रष्टाचार के मामले में आरोपित बहोरी लाल निवासी हाथरस की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। विशेष लोक अभियोजक महेंद्र सिंह ने बताया कि थाना मुरसान जिला हाथरस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोपित पर छात्रवृत्ति योजना व वृद्ध पेंशन दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप है। न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनकर फैसला सुनाया। उधर, भ्रष्टाचार के अन्य मामले में कोर्ट ने आरोपित सचिन कुमार निवासी राजनगर गाजियाबाद की भी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि श्रीनिवास द्विवेदी समाज कल्याण अधिकारी ने थाना कविनगर गाजियाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि आरोपित ने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने, महिलाकर्मी का शोषण करने, शासकीय कार्यों की गोपनीयता भंग की थी। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।

 

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