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निरीक्षण में सुस्त हाल मिला सर्वेक्षण

जेएनएन, मेरठ । कोविड मरीजों की पहचान के लिए किए जा रहे विशेष सर्वे में शिथिलता मिलने और जागरुकता प्रचार सामग्री दबाकर रखने पर नोडल अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। सर्वे टीम को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं देने और सुरक्षा निर्देशों की अवेहलना करने पर उन्होंने सुधार के निर्देश दिए।

जनपद में कोविड और अन्य बीमारियों के रोगियों की पहचान के लिए दो जुलाई से विशेष अभियान चल रहा है। सर्विलांस टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। मवाना सीएचसी में 89 टीमें इस काम में जुटी हैं। नोडल अधिकारी पवन कुमार शनिवार को मवाना सीएचसी पहुंचे और सर्वे की प्रक्रिया परखी। इसमें कोविड पहचान की संख्या भी कम मिली। उन्होंने नाराजगी जताते हुए प्रतिदिन 100 से अधिक घरों को कवर करना जरुरी बताया। इसके साथ ही लोगों को जागरुक करने के लिए भी कहा। लोगों ने प्रतिदिन सर्वे नहीं करने और सैंपल देने गए लोगों को वापस लौटाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। इसके बाद नोडल अधिकारी ने सीएचसी प्रभारी सतीश भास्कर से जल्द सुधार करने के निर्देश दिए। कई स्थानों पर उन्हें ओपीडी भी चलती हुई नहीं मिलीं। बिना सैंपल लौटाने का आरोप

मवाना निवासी एक युवक ने आरोप लगाया कि गत दिवस वह अपनी मां को कोविड की जांच के लिए सीएचसी लेकर गया, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद भी सैंपल नहीं लिया गया। इसको लेकर उसकी स्वास्थ्य कर्मियों से तकरार भी हुई। सर्विलांस टीमों में प्रशिक्षण का अभाव

नोडल अधिकारी पवन कुमार टीम की कार्यशैली परखने मोहल्ला कल्याण सिंह पहुंचे। एएनएम और आशाएं जांच दल से थर्मल स्क्रीनिंग करने के लिए कहा। वे मशीन को सही तरीके से नहीं चला सके। थर्मो मशीन के तापमान में भी काफी अंतर मिला। टीम सदस्य बिना मास्क, दस्ताने, हेलमेट व सैनिटाइजर के काम करते हुए मिले। सर्वे में कुछ घर छूट भी गए।

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