शिवानी ने कंट्रोल रूम में फोन किया और मिल गई एंबुलेंस

शिवानी ने कंट्रोल रूम में फोन किया और मिल गई एंबुलेंस

कोरोना संक्रमण के बचाव इलाज और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन द्वार कदम उठाए गए हैं।

JagranTue, 11 May 2021 09:45 AM (IST)

मेरठ,जेएनएन। कोरोना संक्रमण के बचाव, इलाज और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन द्वारा कलक्ट्रेट में स्थापित कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर हर घंटे में 100 से ज्यादा काल आती हैं लेकिन उनमे शिकायतें कम पूछताछ ज्यादा होती हैं। कुछ लोगों को यहां से मदद मिल जाती है तो कुछ की शिकायत बरकरार रह जाती है। सोमवार को गंगानगर से महिला शिवानी ने कंट्रोल रूम में फोन करके मरीज को आइआइएमटी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए एंबुलेंस की मांग की। कंट्रोल रूम से तत्काल उस क्षेत्र में मौजूद एंबुलेंस चालक को फोन करके महिला का नाम और नंबर दिया गया। इसके बाद उस महिला को एंबुलेंस मिल गई।

जिला प्रशासन के इंटीग्रेटिड कंट्रोल रूम में कोरोना के संबंधित हर प्रकार की सहायता, जानकारी तथा शिकायत के लिए कुल 11 लाइनें लैंडलाइन नंबर की तथा एक मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया गया है। इनमें आक्सीजन तथा होम आइसोलेशन के लिए अलग से नंबर उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि अन्य नंबर पर हर प्रकार की फोन का को सुना जाता है।

जानकारी करते हैं लोग

कंट्रोल रूम का प्रबंधन सिटी मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार सिंह के हवाले है। उन्होंने बताया कि सभी लाइनों पर लोग फोन करते हैं। शिकायतें भी करते हैं लेकिन ज्यादा संख्या में फोन करने वाले लोग पूछताछ करते हैं। अधिकांश लोग आक्सीजन, इंजेक्शन, दवा के मिलने का स्थान, समय और तरीका पूछते हैं। कुछ लोग इलाज में लापरवाही, आक्सीजन, इंजेक्शन, दवा न मिलने की शिकायतें करते हैं तो कुछ लोग अस्पतालों में अपने मरीजों के लिए आक्सीजन और वेंटीलेटर बेड की मांग करते हैं। मरीज को अस्पताल तक ले जाने के लिए एंबुेंलस की मांग करते हैं। कंट्रोल रूम से मिलता है नंबर

कंट्रोल रूम में फोन करके आक्सीजन, इंजेक्शन, बेड आदि सहायता की मांग करने वाले लोगों को तत्काल संबंधित अफसरों का मोबाइल नंबर उपलब्ध करा जाता है।

एक-एक मरीज का लिया जा रहा हाल

कंट्रोल रूम में संक्रमण की मार के बाद वहां तैनात कर्मियों अफसरों को फिलहाल चार अलग अलग स्थानों पर बैठाया जा रहा है। डीएम कार्यालय के इंग्लिश आफिस के हाल में तैनात दर्जन भर कर्मचारियों से सुबह और शाम को फोन काल कराकर कोविड अस्पतालों में भर्ती एक एक मरीज से बात की जा ही है और उनका हाल चाल लिया जाता है। वहीं बचत भवन सभागार में तैनात किए गए कर्मचारियों की मदद से होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे छह हजार से ज्यादा संक्रमित मरीजों का सुबह और शाम हाल चाल लिया जा रहा है।

इन्होंने कहा

कंट्रोल रूम में आने वाले अधिकांश काल पूछताछ वाले होते हैं। जो सहायता मांगते हैं उनकी तत्काल मदद की जाती है।

सत्येंद्र कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट

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