पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गहराती जा रहीं मतातरण की जड़ें

चेहरा वहीं हैं पर हर बार किरदार बदल जाते हैं। मतातरण हो या सीएए को लेकर हुई हिंस

JagranFri, 25 Jun 2021 03:15 AM (IST)
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गहराती जा रहीं मतातरण की जड़ें

मेरठ,जेएनएन। चेहरा वहीं हैं, पर हर बार किरदार बदल जाते हैं। मतातरण हो या सीएए को लेकर हुई हिंसा। सभी की शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होती है। इसके लिए फंडिंग करने के आरोप भी पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) और पाकिस्तान की इंटर-सíवस इंटेलिजेंस (आइएसआइ) जैसे संगठनों पर यदा-कदा लगते रहे हैं। लखनऊ में मतातरण के पर्दाफाश में भी आइएसआइ पर ही फंडिंग करने का आरोप लगा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी दोनों संगठन पूरी तरह से सक्रिय हैं। यही कारण है कि मेरठ और आसपास के जनपदों में मतातरण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर मतातरण कराया जाता है। विरोध करने पर युवतियों की हत्या तक कर दी जाती है। इनके मंसूबों के सामने खुफिया विभाग भी बौना साबित हो रहा है। ऐसे में खुफिया अलर्ट से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रशासन स्तर पर प्लानिंग करने के बाद इनकी जड़ें उखाड़नी होगीं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सीएए का विरोध करने को लेकर हुई हिंसा में भी पीएफआइ और आइएसआइ संगठनों के नाम सामने आए थे। 2014 में खरखौदा में मदरसे के अंदर युवती से मतातरण कराने के बाद सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया था। उस समय आइएसआइ पर ही फंडिंग करने के आरोप लगे थे। यह मामला राष्ट्रीय स्तर तक गूंजा था। उसमें मतातरण से लेकर सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। हाल की बात करें तो परतापुर के भूडबराल में नाम बदलकर मोदीनगर की ब्यूटी पार्लर संचालिका को प्रेमजाल में फंसाया। मतातरण का विरोध करने पर महिला और उसकी बेटी की हत्या कर बेडरूम में दबा दिया था। पुलिस ने मकान पर बुलडोजर चलाकर दोनों के शव निकाले थे। उसके अलावा लुधियाना की युवती को प्रेमजाल में फंसाकर दौराला क्षेत्र में लाया गया था। युवती ने मतातरण का विरोध किया तो पूरे परिवार ने मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने पूरे परिवार को जेल भेजा था। उसके अलावा भी कंकरखेड़ा में नाम बदलकर मतातरण का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। मेरठ के अलावा मुजफ्फरनगर के हमीरपुर में दो सहेलियों को बहला फुसलाकर मतातरण करा कर निकाह करा दिया गया। बुलंदशहर में भी एक प्रकरण सामने आ चुका है। यानि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मतातरण की जड़ें गहरी हो चुकी हैं। उन्हें उखाड़ने के लिए फंडिंग करने वाले संगठनों पर कार्रवाई करनी होगी। मेरठ में तो पीएफआइ ने पैर परसाते हुए नौचंदी थाना क्षेत्र में आफिस भी खोल लिया था। हालाकि पुलिस की कार्रवाई के बाद आफिस बंद हो गया था। मतांतरण के ये मामले चर्चा में आए

फरवरी 2021 को नौचंदी थाना क्षेत्र में कक्षा 12 की छात्रा को ट्यूशन टीचर ने दिल्ली ले जाकर मतातरण करा दिया था। सामाजिक संगठनों द्वारा मामला उठाने के बाद आरोपित को पकड़कर युवती को बरामद कर लिया था। अमरोहा की युवती को परीक्षितगढ़ के इकला रसूलपुर गाव में किराए का मकान लेकर रखा था। जबरन मतातरण कराया गया था। पुलिस ने आरोपित को पकड़ने के बाद युवती को परिवार के हवाले कर दिया था। 19 जनवरी को पुलिस ने मवाना से आफताब को गिरफ्तार किया था, जो बलरामपुर और बस्ती को दो युवतियों को मतातरण कराने के लिए लाया था। एक सप्ताह तक दोनों को किराए के मकान में बंधक बनाकर रखा था। उन्हें नौकरी दिलाने का झासा भी दिया गया था। इन्होंने कहा-

वेस्ट यूपी में मतातरण पर पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी। सभी जनपदों के कप्तानों को आदेश दिए जा चुके हैं। मतातरण के लिए फंडिंग करने वाले संगठनों की भी पड़ताल की जा रही है। इसके लिए खुफिया विभाग पूरी तरह से अलर्ट पर है। साथ ही पुराने मुकदमों में सजा दिलाने के लिए पुलिस को अपने स्तर से पैरवी करने के निर्देश दिए गए है।

-राजीव सभरवाल, एडीजी जोन

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