Rohini Court Shootout: पांच साल पहले मेरठ में चोरी कर अपराध की दुनिया में कदम रखा था नितिन जाटव ने

Rohini Court Shootout अपने खर्चे पूरे करने के लिए ही मेरठ के नितिन जाटव ने अपराध में दुनिया कदम रखा था। घरवालों की इच्‍छा के खिलाफ उसने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। उसकी तलाश में अक्‍सर दिल्‍ली पुलिस मेरठ में दबिश डालती थी।

Prem Dutt BhattSat, 25 Sep 2021 07:56 AM (IST)
अलग-अलग राज्यों में अपराध के लिए नाम बदलता था कुख्यात नितिन।

मेरठ,जागरण संवाददाता। Rohini Court Shootout दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में शुक्रवार को पुलिस द्वारा मार गिराया गया नितिन जाटव चोरी की वारदात को अंजाम देकर अपराध की दुनिया में आया था। उसके बाद जनपद के कई गैंग से संबंध बनाकर दूसरे राज्यों में वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया। पुलिस से बचने के लिए नितिन जाटव अपना नाम बदल लेता था। दिल्ली पुलिस की सूचना पर मेरठ अंतर्गत खरखौदा थाने की पुलिस ने नितिन का आपराधिक रिकार्ड निकाला है। पांच साल पहले नौचंदी थाने की सेंट्रल मार्केट से नितिन ने चोरी की वारदात से अपराध की शुरुआत की थी। हाल में उसपर दिल्ली पुलिस की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

खर्चे पूरे करने के लिए अपराध की दुनिया में आया

खरखौदा के फफूंडा गांव निवासी सुरेंद्र जाटव के चार बेटे हैं, जिनमें नितिन दूसरे नंबर का था। नितिन ने जीआइसी से इंटर पास किया लेकिन परिवार वालों की इच्छा के बाद भी उसने आगे पढऩे से मना कर दिया था। वह गांव में ही पिता के साथ मेहनत मजदूरी करने लगा था, हालांकि उसमें उसका मन नहीं लगता था। इसके बाद अपना खर्च पूरा करने के लिए नितिन जाटव ने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। पांच साल पहले उसने सेंट्रल मार्केट में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उस घटना का पर्दाफाश मेडिकल थाने की पुलिस ने किया था इसलिए मेडिकल थाने में नितिन के खिलाफ चोरी का पहला केस दर्ज हुआ था।

हरियाणा के बदमाशों से संपर्क

जेल में उसका संपर्क दिल्ली और हरियाणा के कई बदमाशों से हो गया। जमानत पर बाहर आने के बाद नितिन ने दिल्ली और हरियाणा में लूट और हत्या की संगीन वारदातों को अंजाम दिया। उसने दिल्ली में अपना नाम राहुल रख लिया, जबकि हरियाणा में केके त्यागी। अब नितिन के आपराधिक रिकार्ड में उसका नाम नितिन उर्फ राहुल उर्फ केके दर्ज हो गया था। उसके बाद दिल्ली पुलिस की तरफ से नितिन पर 50 हजार का इनाम भी घोषित हुआ था।

भाभी को लड़वाया था प्रधानी का चुनाव

नितिन ने अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद भाभी को ग्राम प्रधान का चुनाव भी लड़वाया था। उसने लोगों को डराया भी था, हालांकि नितिन की भाभी को पंचायत चुनाव में सौ वोट भी नहीं मिल पाए थे। नितिन की तलाश में दिल्ली पुलिस अक्सर दबिश डालती थी। तब परिवार के सदस्य यही बताते थे कि उनका नितिन से कोई संबंध नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि दूसरे राज्यों में वारदात को अंजाम देकर वह घर में ही छिप जाता था।

परिवार के लोग दिल्ली जाएंगे आज

नितिन के मारे जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने उसके परिवार से संपर्क किया। परिवार के सदस्य नितिन का शव लेने के लिए शनिवार को दिल्ली जाएंगे। ग्रामीणों ने बताया कि नितिन की अभी शादी नहीं हुई थी।

इनका कहना है

नितिन जाटव के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उसका आपराधिक रिकार्ड दिल्ली पुलिस को उपलब्ध करा दिया गया है। नितिन के परिवार को भी उसकी मौत की जानकारी दे दी गई है। नितिन ने दूसरे राज्यों में ही ज्यादातर घटनाओं को अंजाम दिया है।

- प्रभाकर चौधरी, एसएसपी मेरठ।

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