मेरठ में ऋषभ एकेडमी फीस घोटाला : सचिव रंजीत जैन बेंगलुरु से गिरफ्तार, आज होगी कोर्ट में पेशी

ऋषभ एकेडमी स्‍कूल में लाखों रुपये के घोटाले में फरार चल रहे सचिव रंजीत जैन को पुलिस ने बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया। उनको हवाई जहाज से दिल्ली लाया गया। आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं गड़बड़ी के मामले में प्रधानाचार्य भी जेल जा चुकी हैं।

Prem Dutt BhattSun, 13 Jun 2021 08:30 AM (IST)
मेरठ में 56 लाख रुपये के घोटाले का आरोप, आज कोर्ट में पेशी।

मेरठ, जेएनएन। मेरठ में ऋषभ एकेडमी स्‍कूल का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। लाखों रुपये के घोटाले में फरार चल रहे सचिव रंजीत जैन को पुलिस ने बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया। उनको हवाई जहाज से दिल्ली लाया गया। आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं, गड़बड़ी के मामले में प्रधानाचार्य भी जेल जा चुकी हैं।

छात्रों की फीस जमा नहीं करने का आरोप

छावनी स्थित ऋषभ एकेडमी में समिति को लेकर विवाद शुरू हुआ था। छात्रों की फीस जमा नहीं करने का आरोप रंजीत जैन पर लगा था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर रंजीत के बेटे को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वह फरार चल रहे थे। पुलिस को पता चला कि वह बेंगलुरु में इलाज करा रहे हैं। सदर बाजार थाने की टीम ने वहां जाकर रंजीत को गिरफ्तार कर लिया। शाम को टीम उन्हें लेकर थाने पहुंची। एएसपी कैंट सूरज राय ने बताया कि रंजीत जैन को गिरफ्तार कर लिया है। उनको रविवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

फोन नंबर से पहुंचे रंजीत तक

पुलिस के हाथ एक मोबाइल नंबर लगा था। जांच के दौरान वह नंबर बेंगलुरु में रंजीत जैन की मेड का निकला। पुलिस ने उसे विश्वास में लेकर रंजीत के बारे में पूरी जानकारी कर ली थी।

दिल्ली से दिखाई गिरफ्तारी

पुलिस का कहना है कि टीम गिरफ्तार करने के लिए बेंगलुरु पहुंच गई थी, लेकिन रंजीत को इसकी भनक लग गई। जिस हवाई जहाज से आरोपित दिल्ली के लिए रवाना हुआ था, उसी जहाज में पुलिस की टीम सवार थी। दिल्ली एयरपोर्ट के बाहर निकलते ही उसे दबोच लिया।

यह था पूरा मामला

मेरठ में कैंट में ऋषभ एकेडमी स्‍कूल प्रकरण में पुलिस ने बीते वर्ष स्कूल के पूर्व प्रबंध सचिव रंजीत जैन और वर्तमान प्रिंसिपल याचना भारद्वाज के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली थी। लाकडाउन के दौरान चल रही खींचतान में स्कूल प्रबंधन में बदलाव करते हुए प्रबंध समिति बदली तो जांच में स्कूल में छात्रों से ली गई फीस की धनराशि में गबन का मामला सामने आया। वर्तमान प्रबंध समिति पदाधिकारी डा. संजय कुमार जैन की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद मामले में रुपयों का गबन देखते हुए एफआइआर दर्ज कर ली थी। एफआइआर में स्कूल में एक अप्रैल 2020 से 20 सितंबर के दौरान फीस के तौर पर छात्रों से 133.88 करोड़ रुपये वसूले गए हैं।

टीचरों को नहीं दी गई थी सैलेरी

स्कूल के एकाउंट में इनमें से 70.45 लाख रुपयों के खर्च का विवरण निकालने के बाद के केवल 6.51 लाख रुपये ही शेष मिले हैं। शेष 56.92 लाख रुपयों का कोई हिसाब नहीं मिला, जिसके गबन का आरोप लगाया गया। बीते वर्ष ऋषभ एकेडमी में लाकडाउन शुरू होने के बाद से ही शिक्षकों को वेतन नहीं दिया जा रहा था। साथ ही शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ पूर्व सचिव रंजीत जैन के खराब व्यवहार की शिकायत शिक्षकों ने प्रबंध समिति के अन्य पदाधिकारियों के साथ ही जैन समाज के पदाधिकारियों और स्थानीय पुलिस से भी की। उसी मामले की जांच के दौरान पुलिस को स्कूल में तरह-तरह की अनियमितताएं मिलीं। इसमें महिला शौचालय में खुफिया कैमरे लगाने की शिकायत भी की गई थी।

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