मेरठ में पाले की संभावना, फसलों का बचाने के लिए ये उपाय बताए कृषि विशेषज्ञों ने

मेरठ में भी पाला पड़ने से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।

इनदिनों पड़ रही जोरदार ठंड के बीच किसानों के लिए फसलों की देखभाल बेहद जरूरी हो गई है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि सब्जी पौधशाला को ढ़क कर रखें। ताकि पाले से बचाव हो सके। मेरठ के कृषि विशेषज्ञों ने इस बारे में उपाय बताए हैं।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 01:34 PM (IST) Author: PREM DUTT BHATT

मेरठ, जेएनएन। लगातार सर्दी का प्रकोप जनपद वासियों को हलकान किए हुए है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 19 जनवरी तक सर्दी के सितम में कोई कमी नहीं आएगी। कृषि प्रणाली संस्थान की कृषि मौसम सलाहकार समिति के नोडल अधिकारी एम शमीम ने बताया कि अधिकतम तापमान 16 और 17 डिग्री के बीच रहेगा। वहीं न्यूनतम तापमान आठ से छह के बीच रहेगा। मौसम शुष्क और ठंडा रहेगा।

मौसम को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि सब्जी पौधशाला को ढ़क कर रखें। ताकि पाले से बचाव हो सके। कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आरएस सेंगर ने बताया कि जब आसमान साफ हो, हवा न चल रही हो और तापमान अचानक गिर जाए तब पाला पड़ने की संभावना अधिक रहती है। हर वर्ष पाले से फसलों को नुकसान होता है। कई बार किसानों को समय नहीं मिल पाता कि वह बचाव के उपाय कर सकें। इसलिए मौजूदा मौसम के तेवरों को देखते किसान पाले से बचाव के उपाय करें। पौधों को ढकने के साथ उनमें पानी की सिंचाई करके भी पाले से बचाया जा सकता है। दलहनी और सब्जियां सबसे ज्यादा पाले से प्रभावित होती है।

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