बैंक-टेलीकॉम कंपनी के कर्मचारियों की तरफ बढ़ी पुलिस जांच

मेरठ। शहर के बड़े कारोबारी अभिषेक जैन के दो बैंक खातों को हैक कर निकली गई एक करोड़ 18 लाख की रकम के मामले में अब पुलिस की जांच बैंक कर्मचारी और टेलीकॉम कंपनी के एक कर्मचारी की तरफ बढ़ गई है। जल्द ही मेरठ पुलिस इस मामले में बड़ा राजफाश करने वाली है। उधर, सोमवार को मेरठ पुलिस अफसर लगातार भोपाल पुलिस के संपर्क में रहे। क्योंकि, वहां पर भी हैकर्स गैंग के कुछ सदस्य पकड़े गए थे, जो अमेरिकी लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाते थे।

एएसपी क्राइम सतपाल ने बताया कि भोपाल शहर की ओल्ड सुभाषनगर निवासी रोहन से पूछताछ में बैंक और टेलीकॉम कंपनी के कुछ कर्मचारियों के बारे में अहम जानकारी मिली थी। हालांकि यह कर्मचारी मेरठ के नहीं बताए गए हैं। बता दें कि अभिषेक जैन के एकाउंटेंट प्रदीप कुमार का सिम रिजेक्ट करके मुंबई से जारी किया गया था। इसलिए अनुमान है कि हैकर्स के गैंग में एक टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी शामिल हो सकता है, जो मुंबई आफिस में काम करता है। वहीं, बैंक आफ बड़ौदा के भी एक कर्मचारी पर पुलिस को शक है। हालांकि अभी पुलिस यह राजफाश नहीं कर रही है कि वह किस शाखा का कर्मचारी है। एएसपी क्राइम सतपाल ने बताया कि भोपाल में पकड़े गए हैकर्स रामसिंह, अभिषेक पाठक, श्रवण कुमार, शुभम गीते, सौरभ राजपूत के बारे में भी जांच की जा रही है। इस हैकर्स गैंग का सरगना रामसिंह बताया गया है। वहीं अभिषेक नाम के एकाउंट में ही कारोबारी अभिषेक जैन के खाते से रकम को ट्रांसफर किया गया है।

यह था पूरा मामला

कारोबारी अभिषेक की कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र स्थित सारू सिल्वर एलायल प्रा. लि. कंपनी के दो खातों को हैक कर हैकर्स ने एचडीएफसी, एक्सिस, इंडस इंड बैंक के खातों में एक करोड़ 17 लाख 56 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए थे। जिसके बाद सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

रोहन ने दिए सुराग, पश्चिम में भी सक्रिय है गैंग

सदर बाजार थाना पुलिस को रोहन ने पूछताछ में सुराग दिए हैं कि रामसिंह और अभिषेक नाम के आरोपितों का गैंग पश्चिम उत्तर प्रदेश में भी सक्रिय है। जिनके सदस्य आगरा, लखनऊ, कानपुर आदि जिलों में गैंग के सदस्य बताए गए हैं।

जांच के बाद ही आएंगे बी-वारंट पर

एएसपी सतपाल अंतिल का कहना है कि अभी भोपाल पुलिस की तरफ से इनपुट नहीं मिला है कि वहां पकड़े गए आरोपितों का अभिषेक जैन की रकम जालसाजी में हाथ हैं। इसलिए वह भोपाल पुलिस के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही वहां से इनपुट मिलता है। वैसे ही वह बी-वारंट लेकर आरोपितों को मेरठ लेकर आएंगे। उनका कहना है कि मंगलवार या फिर बुधवार तक भोपाल पुलिस की तरफ से साफ हो जाएगा।

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